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पीपलू को टोंक में ही रखने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

पीपलू को टोंक में ही रखने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

 


रिपोर्टर:-(ओपी शर्मा)

पीपलू  | मालपुरा जिला बने या नहीं लेकिन पीपलू को टोंक जिले में ही यथावत रखने की मांग को लेकर कस्बे में मंगलवार को क्षेत्रीय जनता ने रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में 19 नए जिले बनाने की घोषणा की गई है। जिसके बाद मालपुरा को जिला बनाओ कोर कमेटी द्वारा मालपुरा को जिला बनाने को लेकर आंदोलन किया जा रहा हैं। साथ ही मालपुरा को जिला बनाने की मांग में मालपुरा, टोडारायसिंह, अराई तहसील के साथ पीपलू तहसील को भी मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन, प्रस्ताव में शामिल किया है। साथ ही ज्ञापन के बिंदु नंबर 7 में लिखा है कि पीपलू क्षेत्र के लोग मालपुरा में शामिल होने के लिए सहर्ष सहमत हैं, जबकि क्षेत्रवासी बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। मालपुरा जिला बने या नहीं लेकिन पीपलू टोंक जिले में हैं तथा उसी में यथावत रहना चाहिए। पीपलू से मालपुरा की दूरी 50 किमी से अधिक हैं जबकि पीपलू से टोंक वाया नाथड़ी, ढूढिया, देवरी, गहलोद होकर टोंक मात्र 16 किमी की दूरी पर हैं। ऐसे में पीपलू के लिए सबसे उपयुक्र्त टोंक में रहना हैं। साथ ही गहलोद में बन रहे हाइलेवल ओवरब्रिज के बाद तो क्षेत्रीय वांशिदों के लिए टोंक का आवागमन काफी सुलभ हो जाएगा। पीपलू के लोग मालपुरा में शामिल होने के लिए बिल्कुल सहमत नहीं हैं। 

लोगों के साथ अन्याय होगा

ज्ञापन में बताया कि मालपुरा उपखंड के लोगों द्वारा पीपलू को मालपुरा में शामिल करने की बात कहना पीपलू उपखंड के लोगों के साथ अन्याय होगा। हाल ही में पीपलू टोंक पंचायत समिति से अलग होकर अलग पंचायत समिति बनी है। ऐसे में पीपलू टोंक मुख्यालय से सबसे नजदीक कस्बा हैं। पीपलू उपखंड भौगोलिक व राजनीतिक दृष्टि से टोंक जिला मुख्यालय के साथ हमेशा जुड़ा हुआ हैं। पीपलू कस्बे से टोंक की दूरी 16 तथा उपखंड के अंतिम छोर के गांवों की दूरी भी अधिकतम 40 किमी. है। जबकि पीपलू उपखंड से मालपुरा की दूरी 50 किमी. तथा उपखंड के जौंला, सोहेला, नवरंगपुरा की दूरी मालपुरा से लगभग 80 किमी है। पूर्व में भी टोंक तहसील से अलग होकर पीपलू तहसील बनी है। इस कारण पीपलू का मालपुरा से कोई संबंध नहीं रहा है।

राजनैतिक दृष्टि से भी नहीं रहा संबंध

राजनैतिक दृष्टि से भी पीपलू कस्बा पूर्व में टोंक विधानसभा क्षेत्र तथा टोंक पंचायत समिति में शामिल था। इसके बाद पीपलू उपखंड विधानसभा क्षेत्र निवाई में शामिल हैं। ऐसे में पीपलू क्षेत्र की समस्त जनता की मांग हैं कि मालपुरा को जिला बनाने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं हैं लेकिन पीपलू उपखंड को टोंक जिले में यथावत रखा जाएं। अगर पीपलू उपखंड के साथ किसी प्रकार की छेडख़ानी की जाती हैं तो पीपलू की समस्त जनता के साथ अन्याय होगा। जिसको पीपलू की जनता सहन नहीं करेगी। 

ज्ञापन देने वालों में यह रहे शामिल 

ज्ञापन देने वालों में सत्यनारायण चंदेल, घासीलाल चौधरी, रामबिलास सैनी, राजेश शर्मा, कंवरपाल बिधुड़ी, कैलाश मोरी, दिनेशकुमार नागर, शंकरलाल चौधरी, रामअवतार चौधरी, नंदकिशोर शर्मा, सांवरमल गुर्जर, रामजस, भंवरलाल, जगन्नाथ, किशनलाल सैनी, गोपाल गर्ग, विनोद, विमल जैन, गजेन्द्र दगोलिया, खेमचंद जैन, रामजीलाल आचार्य, हरजीचंद बैरवा, धनराज गुर्जर, लोकेश मीणा कुरेड़ा, पंकज शर्मा झिराना, देवीनारायण सोनी, मुकेश दगोलिया, महेन्द्र, अभिषेक, केदार, नौरतमल, जीतराम, शंकर बागरिया, विजेन्द्र खंगार, कमलेश, आरिफ खान, रामजस, रमेशचंद शर्मा, प्रेमराज, सूरज, भागचंद बैरवा, रामू आचार्य आदि मौजूद रहे। 

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