दांता ढाणी में शहीद स्मारक का लोकार्पण
7 लाख की लागत से हुआ निर्माण; शौर्य दिवस पर वीरांगनाओं का किया सम्मान
देवली | देवली उपखंड की दाता ढाणी गांव में रविवार को शौर्य दिवस पर शहीद स्मारक का अनावरण समारोह हुआ। सेवानिवृत्त कमांडेंट पोजीराम प्रतिहार ने अपने परिवार से प्रेरित होकर अपनी निजी जमीन पर स्वयं के खर्चे से शहीद स्मारक का निर्माण करवाया है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सीआईएसएफ आरटीसी देवली के डीआईजी एसएस मिश्रा ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया। व्यवस्थापक संत कुमार मीणा (सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर) ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध 1914 से लेकर 1918 तक भारत माता के कई जवान शहीद हुए। उनकी ओर से शहीद स्मारक का निर्माण करवाया गया।
पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए करीब 350 जवानों के नाम शहीद स्मारक पर अंकित किए गए हैं और बाकी के भी अब अंकित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान धर्म सिंह मीणा, केआर. कमलेश, सत्यनारायण मीणा, विवेक प्रतिहार श्रम मंत्रालय भारत सरकार, संत कुमार मीणा, आरडी मीणा, गजराज सिंह राजावत सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों सहित ग्रामीण उपस्थित रहे। जिन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान अपने देश के लिए शहीद हुए जवानों की वीरांगना भी मौजूद थी।
वीरांगनाओं का किया सम्मान
कार्यक्रम में कस्तूरी देवी पत्नी सूबेदार जयराम सिंह टीकड भीलवाड़ा, कन्या देवी पत्नी सूबेदार शिवराज सिंह टीकड भीलवाड़ा, शिमला देवी पत्नी हवलदार जुगराज सिंह टीकड भीलवाड़ा, बच्ची देवी पत्नी सीआरपीएफ सहायक उप निरीक्षक मिश्रीलाल मीणा राजमहल टोंक, लाड देवी पत्नी हवलदार हंसराज जाट निवारिया टोंक को डीआईजी एसएस मिश्रा ने माला व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मिश्रा ने कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त सैनिकों को भी कैप पहनाकर उनका सम्मान किया। समापन पर आयोजक पोजीराम प्रतिहार ने डीआईजी का माला व स्मृति चिन्ह सौपकर उनका सम्मान किया।
दांता ढाणी गांव में रविवार को लोकार्पण हुए शहीद स्मारक को बनाने में करीब 7 लाख रुपयों का खर्चा आया है। इस शहीद स्मारक ग्रेनाइट और व्हाइट मार्बल का उपयोग किया गया है। वहीं इस पर पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए शहीदों के नाम भी अंकित किए गए है।

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