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निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल को फिर जेल हुई

निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल को फिर जेल हुई


 14 दिन ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया, कल जमानत पर होगी सुनवाई

अजमेर | 2 करोड़ रुपए की घूस मांगने के मामले में ैव्ळ की निलंबित ।ैच् दिव्या मित्तल को आज फिर से 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड के बाद आज फिर शाम करीब 5 बजे अजमेर की एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया था। दिव्या मित्तल को एसओजी जोधपुर के एडिशनल एसपी कमल सिंह तंवर अपनी टीम के साथ जयपुर से अजमेर लेकर पहुंचे। एनडीपीएस कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक राजेंद्र राठौड़ ने बताया- दिव्या मित्तल के वकील भगवान सिंह चैहान के द्वारा जमानत पत्र कोर्ट में पेश किया गया है। अब इसे लेकर 5 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई होगी। दरअसल, ैव्ळ की निलंबित ।ैच् दिव्या मित्तल को 2 अप्रैल को कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा था। इसके बाद आज कोर्ट में पेश किया गया। बता दें कि दिव्या मित्तल को जमानत के एक दिन बाद ही 1 अप्रैल को अजमेर जेल के बाहर से एसओजी ने फिर गिरफ्तार कर लिया था। एसओजी के पास दर्ज एनडीपीएस के तीन केसों में दिव्या ने जांच सही तरीके से नहीं की थी। एडीजी एसओजी अशोक राठौड़ ने बताया था कि दिव्या मित्तल के खिलाफ अभी तक एसओजी में कोई शिकायत दर्ज नहीं है। दिव्या के पास एनडीपीएस की 3 फाइलें थीं। इसकी जांच वह काफी समय से कर रही थी। इन फाइलों में मित्तल की ओर से जांच में गड़बड़ी करना सामने आया है। इसलिए एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच अधिकारी दोषी होता है।


2 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में जयपुर ।ब्ठ टीम ने अजमेर में 16 जनवरी को ैव्ळ की ।ैच् दिव्या मित्तल को पकड़ा था। दिव्या मित्तल को एसीबी की टीम अजमेर से जयपुर लाई थी। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। दिव्या ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में हरिद्वार की फार्मा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार नहीं करने की एवज में बर्खास्त पुलिसकर्मी सुमित कुमार के माध्यम से यह घूस मांगी थी।

जहां से शुरू हुई घूसखोरी की कहानी३

।ैच् दिव्या मित्तल ने नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर अजमेर के रामगंज थाने में दो और अलवर गेट थाने में एक मिलाकर कुल 3 थ्प्त् दर्ज की थी। तीनों ही मामलों में देहरादून स्थित दवा कंपनी हिमालय मेडिटेक के डायरेक्टर सुनील नंदवानी को आरोपी बनाया था। रामगंज थाने में दर्ज दोनों मामले क्लब कर इन्वेस्टिगेशन चल रही थी और अधिकतर आरोपी इन्हीं मामलों में पकड़े जा रहे थे।


ज्यादा मजबूत केस भी यही (रामगंज थाना) था। इसके बावजूद दिव्या ने नंदवानी को अलवर गेट थाने में दर्ज मामले में कमजोर धाराओं में अरेस्ट किया था। नंदवानी ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी तो दिव्या ने कोर्ट से ये तथ्य भी छुपाया कि वो अन्य क्लब मामलों में भी आरोपी है। ऐसे में नंदवानी को हाईकोर्ट से 15 दिन बाद ही आसानी से जमानत मिल गई थी। इसी मामले में दिव्या मित्तल ने 1 करोड़ की घूस ली थी।

।ब्ठ की ट्रैप कार्रवाई से पहले दिव्या ने उत्तराखंड के हरिद्वार में दवा फैक्ट्री श्रच्म्म् ड्रग्स के मालिक विकास अग्रवाल से भी 2 करोड़ की घूस मांगी थी। नशीली दवाओं की सप्लाई में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद दिव्या की धमकियों से परेशान हो विकास अग्रवाल ने एसीबी की शरण ली।

दिव्या मित्तल के रिसोर्ट पर चला था बुलडोजर

मामले में करीब एक महीने पहले दिव्या मित्तल के उदयपुर स्थित आलीशान रिसोर्ट पर प्रशासन ने बुलडोजर चला था। बुलडोजर से रिसोर्ट के निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया था। बताया गया था कि दिव्या मित्तल ने यूआईटी से शहर से करीब 25 किमी दूर चिकलवास गांव में फॉर्म हाउस के लिए जमीन की मंजूरी ली थी, लेकिन यहां रिसोर्ट बनाकर कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में यूआईटी ने पहले तो नोटिस देकर जवाब मांगा, लेकिन जवाब नहीं मिला तो यूआईटी टीम कार्रवाई करने पहुंच गई थी।


लग्जरी लाइफ का शौक


दिव्या से जुड़े लोगों ने बताया था कि उसे हमेशा से लग्जरी लाइफ का शौक है। उदयपुर में एक रिसोर्ट नेचर हिल पैलेस के बारे में तो ज्यादातर लोगों को पता है, लेकिन इसके अलावा भी कई प्रॉपर्टी हैं, जो दिव्या ने अपने रिश्तेदारों के नाम से खरीदी है। दिव्या के नजदीकियों का कहना था कि वो हर साल प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करती थी।


दिव्या की पर्सनल लाइफ भी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जून 2014 में दिव्या की मुलाकात सोशल मीडिया पर हिसार के ब्। प्रतीक से हुई। तीन महीने बाद दोनों उदयपुर में मिले। दिव्या के घरवाले शादी के लिए राजी थे। प्रतीक ने दिव्या से कहा कि गुड़गांव में उसकी मां की रजामंदी के बाद ही शादी करेंगे।


दिव्या और उसके पिता विनोद मित्तल दिल्ली गए थे। वे कई दिनों तक वहीं रुके, लेकिन प्रतीक की मां से मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद प्रतीक और दिव्या ने गुपचुप मंदिर में शादी कर ली थी। तय किया कि कुछ दिनों के बाद प्रोग्राम में शादी कर लेंगे। इसके बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में किराए के मकान में साथ रहने लगे। दोनों भरतपुर, उदयपुर, मथुरा में भी साथ रहे थे।


दिव्या के पिता विनोद मित्तल ने 2015 में हिसार पुलिस को दहेज प्रताड़ना की शिकायत दी थी। विवाद होने के बाद दोनों के बीच में तलाक हो चुका है।

45 साल पहले हरियाणा से झुंझुनूं आया था परिवार


दिव्या मित्तल का परिवार मूलतः हरियाणा में चरखीदादरी के पास गांव का रहने वाला है। करीब 45 साल पहले परिवार हरियाणा से झुंझुनूं के चिड़ावा में शिफ्ट हो गया था। पिता ने ट्रैक्टर की एजेंसी खोली थी। बाद में एजेंसी बंद कर दी थी। दिव्या दो भाई और तीन बहनों में सबसे छोटी है।


दिव्या ने चिड़ावा में स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई पूरी की थी। भाई पहले बस और माइनिंग का काम करते थे। एक भाई अभी पिलानी (झुंझुनूं) में बिजनेस कर रहा है। दूसरे भाई का प्रॉपर्टी और माइनिंग का काम है। दिव्या के माता-पिता अभी भी गांव में ही रहते हैं।

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