ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप पर की गई चर्चा
मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए स्टूडेंट्स ने रखी अपनी बात
जयपुर | मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर के कला संकाय की ओर से एकदिवसीय अंतर्विभागीय वाद - विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शारदा पाई सभागार में आयोजित इस प्रतियोगिता का शीर्षक ओटीटी प्लेटफॉर्म का सेंसरशिप: क्या यह एक आवश्यकता है? था। कला संकाय के विभिन्न विभागों के 28 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मोहित कुमार को, द्वितीय पुरस्कार निखिल साहनी को और तृतीय पुरस्कार श्रेय भारद्वाज को दिया गया।
भाविनी राठौर को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में जज की भूमिका में कला संकाय की डीन प्रोफेसर डॉ. कोमल औदीच्य, कानून संकाय के डीन प्रोफेसर डॉ. जयराम ई. आर. तथा राजस्थान चैक के मुख्य संपादक सुशांत पारीक थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया। छात्रों में इस प्रतियोगिता को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रमुख डॉ. वैशाली कपूर, कला विभाग की प्रमुख डॉ. मणि सचदेव, अर्थशास्त्र विभाग की प्रमुख डॉ. मोनिका माथुर, मनोविज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ भावना आर्या, भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन की प्रमुख डॉ. प्रियंका चैधरी , डॉ. अदिति प्रिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

0 Response to "ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप पर की गई चर्चा"
एक टिप्पणी भेजें