दुनिया रचने वाले को भगवान कहते है, संकट रहने वाले को हनुमान कहते है..भजन संध्या में रात भर झूमे श्रद्धालु
![]() |
| कस्बे के कूट वाले बालाजी के आयोजित हनुमान जन्मोत्सव भजन संध्या में भजनों की प्रस्तुति देता कलाकार एवं मौजूद भक्तगण। |
रिपोर्टर:- (ओपी शर्मा)
पीपलू | संकटमोचन श्रीहनुमान जन्मोत्सव गुरुवार रात्रि को उपखंड क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में हर्ष, उल्लास और उत्सवी अंदाज में मनाया गया। कहीं पवनपुत्र हनुमानजी की विशेष पूजा-अर्चना तो कहीं संगीतमय सुंदरकांड और भजन संध्या में झूमकर भक्तों ने अपने आराध्य का जन्मोत्सव मनाया। सबसे भव्य आयोजन कस्बे के कूट वाले बालाजी के नवयुवक मित्र मंडल की ओर से भजन संध्या का हुआ जिसका शुभारंभ सरपंच कविता रामबिलास सैनी ने ज्योत प्रज्जवलन कर किया। इस दौरान भजन गायक महेश खण्डवाल निवाई ने 'भरोसे थारे चाले रे बजरंगी म्हारी नाव...', 'बालाजी ने लाड लडावे माता अंजनी...', दुनिया में देव हजारो हैं, बजरंग बली का क्या कहना, 'वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे..., लहर लहर लहराए रे, झंडा बजरंग बली का... हे दु:ख भंजन मारुती नंदन, सुनलो मेरी पुकार, पवनसुत विनती बारम्बार..., आ लौट के आजा हनुमान, तुझे तेरे राम बुलाते है..., दुनिया रचने वाले को भगवान कहते है, संकट रहने वाले को हनुमान कहते है.. जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। राम भक्त हनुमान के जयकारे रह, रहकर गूंजते रहे। इस दौरान आकर्षक झांकी सजाई गई। रात्रि में 12.15 बजे महाआरती के साथ खीर, लडड् प्रसाद का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। श्रीहनुमान के मुख्य स्थान व सजी झांकी के चरणों में शीश नवाकर सभी लोगों ने राष्ट्र के मंगल और कल्याण की कामना की। इस दौरान मुकेश वैष्णव, श्रेयांश अग्रवाल, सन्मति जैन, पवन सेन, नितेश मोरी, पवन लक्षकार, गोपाल गर्ग, राजेश गौड़, दशरथसिंह राजावत, रामबिलास सैनी, नौरतमल, मंदीप, कृष्णकुमार जांगिड़, कैलाश माली, हरिओम नामा, ओमप्रकाश चौधरी, टीकमचंद साहू, लक्ष्मण गुर्जर, मोहित, अभिषेक, विनोद जैन आदि मौजूद रहे।

0 Response to " दुनिया रचने वाले को भगवान कहते है, संकट रहने वाले को हनुमान कहते है..भजन संध्या में रात भर झूमे श्रद्धालु"
एक टिप्पणी भेजें