समाज के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार’
गोगामेड़ी बोले- हम अपने अधिकारों के लिए दिल्ली के जंतर मंतर तक कूच कर सकते हैं
जयपुर | जयपुर में रविवार को केसरिया महापंचायत का आयोजन किया गया। जो श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के आह्वान पर विद्याधर नगर स्टेडियम में हुई। इसमें क्षत्रिय समाज के लोगों सहित प्रदेश के कई संत व सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान केसरिया महापंचायत के आयोजक और श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने भास्कर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि समाज की मांगे नहीं मानी गयी तो हम किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। हम अपने अधिकारों के लिए राजस्थान विधानसभा से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर तक कूच कर सकते हैं।
सवालः क्या केसरिया महापंचायत सफल रहा?
जवाबः पूरा स्टेडियम भरने के बाद 40 से 50 हजार लोग बाहर खड़े थे। मेरे युवा भाइयों ने बताया- 10 लाख लोग आज यहां जयपुर की धरती पर थे। 6 लाख लोग तो स्टेडियम के आस पास ही घूम रहे थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग दूर कर दी। इससे लोग 4 किलोमीटर पैदल चल कर आये।
सवालः आपकी प्रमुख मांगे क्या रही और क्या लगता है सरकार इस पर अमल करेगी ?
जवाबः अब ईडब्लूएस धारी सवर्ण आर्थिक पिछड़े जाग चुके हैं। उनका नेतृत्व सुखदेव सिंह गोगामेड़ी कर रहा है। इसको कोई झुका नहीं सकता। खरीद नहीं सकता। हमने अपने हक और अधिकार के लिए आज यह केसरिया महापंचायत बुलाई है। हमारी प्रमुखता से मांग है, ईडब्लूएस आरक्षण को 10þसे बढाकर 14 þ किया जाए। क्षत्रियों के लिए जनकल्याण बोर्ड का गठन हो। ईडब्लूएस आरक्षण में जो छूट गहलोत सरकार ने दे रखी है। उसी तर्ज पर भर्तियों में केंद्र सरकार को भी छूट दे। आज आपने देखा की बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र शास्त्री पर हुए गलत एफआईआर को बंद करने की मांग उठाई है। क्षत्रिय समाज ने हमेशा से साधु संतो ब्राह्मणों एवं गायों की रक्षा के लिए अपने सर कटवाए हैं। कितनों के सिर काटे भी हैं। सरकार से हमारी यह मांग है कि साधु संतों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए जाएं।
सवालः राजस्थान चुनाव से पहले ईडब्लूएस आरक्षण बढ़ाने को लेकर क्या कोई आंदोलन की तैयारी है ?
जवाबः क्या पता आंदोलन की जरूरत ही नहीं पड़े। पहले ही दे दें। पिछली बार भी 10þ लिया था। चमत्कार दिखाना पड़ा था। चमत्कार को नमस्कार है। हम यह चाहते है कि उस चमत्कार के लिए जंतर मंतर जाने की आवश्यकता ही न पड़े। उससे पहले ही घोषणा हो जाए। क्या ईडब्लूएस धारी भारत के नागरिक नहीं हैं। क्या हम राजस्थान के निवासी नहीं हैं। हमारे पूर्वजों ने देश की रक्षा नहीं की क्या। हम राष्ट्रवाद के लिए नहीं लड़ते क्या। करणी सेना राष्ट्रवाद के लिए नहीं लड़ती क्या। यदि समाज की मांगे नहीं मानी गयी तो हम किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। हम अपने अधिकारों के लिए राजस्थान विधानसभा से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर तक कूच कर सकते हैं।
सवालः राजस्थान की राजनीति में कई बड़े राजपूत चेहरे है, लेकिन मंच पर कोई नजर नहीं आया ?
जवाबः देखो उनको डर लगता होगा उनको कोई भय होगा , लेकिन हम ये जानते हैं कि क्षत्रिय समाज हमेशा सब को साथ लेकर चला है। हम किसी ऊंच नीच को नहीं मानते। हमने बाबा साहब अंबेडकर के बारे में भी यहां बताया।
सवालः क्या सुखदेव सिंह गोगामेडी चुनाव लड़ेंगे?
जवाबः मेरी अभी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। पिछली बार दोनों पार्टियां मेरे नोहरे निकाल रही थी की चुनाव लड़ ले। मैं नहीं लड़ा। काफी युवा भाई कहते हैं की अब सड़कों पर बहुत लड़ लिए। अब विधानसभा में पहुंचकर टेबल खड़कानी पड़ेगी। मैं यह कहना चाहता हूं कि जो मेरे भाई राजनीति में जाना चाहते हैं। उनके लिए मैं सीढ़ी बनूंगा। मेरे ऊपर चढ़कर वे आगे बढ़े।
सवालः किसी पार्टी को समर्थन देंगे या अपनी पार्टी बनाएंगे?
जवाबः देखो जो हमारी अनदेखी करेगा। उसकी हम अनदेखी करेंगे। हम ये नहीं कहते कि कांग्रेस हमारी अनदेखी करेगी तो हम किसी दूसरी पार्टी को वोट दे देंगे। हम तो चेहरा पसंद नहीं आया तो नोटा तो पसंद आएगा ही। मैंने पहले भी नोटा पूरे भारत में डलवाया है। महापंचायत के दौरान सबने आज एक आवाज में कहा की भाई साहब आप जहां कहेंगे वहां पर्चा भर देंगे। इसलिए यह पार्टियों को तय करने देते हैं।
सवालः आगे की रणनीति क्या होगी ?
जवाबः हमने सीएम साहब से मिलने का समय मांगा है। हम एक 11 सदस्यों की कमेटी बना रहे हैं। कमेटी सीएम से मिलकर हमारे हक और अधिकार मनवाने की बात करेंगे। पहले भी हमारी मांगे सीएम साहब ने मानी थीं। हमने गहलोत साहब जिंदाबाद के नारे लगाए थे। अगर हमारी मांगे नहीं मानेंगे तो फिर हमारा दूसरा हाथ है ही मुर्दाबाद। जितने भी सांसद हैं। सी पी जोशी जी राजस्थान के नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बने है उन्होंने पद्मावती के टाइम एक ही सिंगल आदमी थे जिन्होंने संसद में इसके लिए बोले थे उन्होंने महापंचायत के लिए शुभकामनाएं भेजी है। पूरी उम्मीद है यदि नहीं मानते है तो जंतर मंतर तो है ही सही।

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