वार्षिक सांख्यिकी सर्वेक्षण उद्योगों के लिए बहुत उपयोगी
भीलवाडा। देश में विभिन्न आर्थिक, कृषि, औद्योगिक एवं अन्य सभी क्षेत्रों के लिए योजना निर्माण, भविष्य में जीडीपी दर, औद्योगिक विकास की वृद्धि दर, विभिन्न उत्पादों की मांग आदि की गणना के लिए वार्षिक सांख्यिकी सर्वेक्षण मूल आधार है। भारत में वार्षिक सांख्यिकी सर्वेक्षण वर्ष 1959 में प्रारम्भ किया गया था। सांख्यिकी सर्वेक्षण न केवल सरकार या योजना निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है वरन स्वयं उद्योगों के लिए भी बहुत उपयोगी है। भीलवाडा के परिपेक्ष में बात करे तो राष्ट्रीय सांख्यिकी आंकड़ों से पावरलूम उद्योग में विभिन्न तरह के कच्चे माल, यार्न आदि के उपयोग के आंकड़े, मांग में वृद्धि दर आदि ज्ञात होने से स्पिनिंग उद्योग उसके आधार पर भविष्य के अनुमान बनाकर नये उद्योग स्थापित या विस्तारीकरण की योजनाएं बना सकता है। यह सभी तरह के उद्योगों पर भी लागू होता है। यह बात राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग के अजमेर कार्यालय के निदेशक एस एस जाड़ावत ने आज मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री में वार्षिक सांख्यिकी रिटर्न के लिए आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही।
कार्यशाला के प्रारम्भ में चैम्बर के मानद महासचिव आर के जैन ने निदेशक एस एस जाड़ावत एवं उपनिदेशक आर एन मीणा का माल्यार्पण एवं सभी सम्भागीयों का स्वागत किया। कार्यशाला में विभाग के सांख्यिकी अधिकारी विजय टांक, अखिलेश शर्मा, उमेश विश्वकर्मा ने वार्षिक सांख्यिकी रिटर्न भरने के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी दी। विभाग के मनीष सब्बरवाल ने कार्यशाला का संचालन किया। कार्यशाला में बीएसएल, आरएसडब्ल्यूएम, संगम, सुदिवा, जिंदल शॉ, मनोमय, सीताराम इण्डिया, डायनामिक एल्क पावर, गायत्री स्पिनर्स, क्वालिटी सुटिंग, रौनक प्रोसेस सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों सांख्यिकी अधिकारियों ने भाग लिया।

0 Response to "वार्षिक सांख्यिकी सर्वेक्षण उद्योगों के लिए बहुत उपयोगी"
एक टिप्पणी भेजें