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झालवाड़ में स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का हुआ समापन

झालवाड़ में स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का हुआ समापन



जयपुर गैर सरकारी संगठनट्रस्टसोसायटीफाउण्डेशन व स्वैच्छिक क्षेत्र संस्थाओं से जुड़े विषयों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं एवं झालावाड़ जिला प्रशासन के मध्य दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का गुरूवार को समापन   हुआ।

समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष श्री मुमताज मसीह ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में कामयाबी का मूल मंत्र सेवा है। इसी भाव को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र की स्थापना की। जिसका उद्देश्य जरूरतमंदवंचित एवं पात्र व्यक्तियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाते हुए सेवा करना है।

इस दौरान राजस्थान राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की सोच है कि समाज के उत्थान के लिए कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाएं राज्य सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनें। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों ने जिस प्रकार से दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में भाग लिया वह ये दर्शाता है कि आप राज्य सरकार की प्रत्येक पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने की सोच को लेकर कितने प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम के दौरान बीसूका जिला उपाध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि किसी भी समाज के विकास में सामाजिक संगठनों के द्वारा किए जाने वाले समाज कल्याण के कार्यों का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है। जिसकी जवाबदेहिता के साथ-साथ उसकी अभीस्वीकृति के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस संवाद कार्यक्रम की शुरूआत झालावाड़ जिले से की है। 

स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के राज्य समन्वयक श्री अजय गौड़ ने ट्रेनिंग ऑफ ट्रेडर्स  (टीओटी) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत प्रत्येक जिले में स्वयं सेवी संस्थाओं के दो-दो सदस्यों को परामर्शदाता नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जो कि अपने-अपने जिले में कार्य कर रहे स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके लिए संबंधित संस्था का स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र में पंजीकृत होना आवश्यक है।

इस दौरान संबंधित जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

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