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गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों से मूल पद पर कार्य कराएं- सत्यनारायण भूमल्या

गैर-वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों से मूल पद पर कार्य कराएं- सत्यनारायण भूमल्या

 


टोंक। राजस्थान सरकार के राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री सत्यनारायण भूमल्या ने बुधवार को नगर परिषद सभागार में टोंक नगर परिषद और जिले की सभी नगर पालिका के अधिकारियों तथा सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। नगर परिषद टोंक के अधिशासी अभियंता राकेश शर्मा ने श्री भूमल्या को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया।
श्री भूमल्या ने कहा कि राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य के नाते उन्होंने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने पाया है कि वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह तकलीफदेह है कि गैर-वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मी सफाई का काम करने के बजाय सरकारी कार्यालयों में अन्य काम कर रहे हैं।
टोडारायसिंह नगरपालिका में वाल्मीकि समाज के कर्मचारी गैर-वाल्मीकि जातियों के सफाई कर्मचारियों को मूल पद पर लगाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने श्री भूमल्या को ज्ञापन सौंपा। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य ने टोडारायसिंह नगरपालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी (ईओ) धर्मेंद्र मीणा की तरफ से हड़ताली वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को नोटिस देने पर सवाल उठाया। उन्होंने निर्देश दिया कि इन वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को अलग जोन दिया जाए और गैर-वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को मुख्य मार्गों की सफाई के काम में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मूल पद पर कार्य कराने के आदेश की पालना नहीं की जा रही है।
उनके समक्ष सफाई कर्मचारियों के बकाया (एरियर) का भी मुद्दा आया। इस पर उन्होंने नगरपरिषद टोंक के एक्सईन से जवाब मांगा। एक्सईएन ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के एरियर के भुगतान के लिए 8 करोड़ 90 लाख रुपये का फंड आया है, जो अगले 15 दिन में वितरित कर दिया जाएगा। उन्होंने उनियारा नगरपालिका के ईओ को भी सफाई कर्मचारियों का करीब 78 लाख रुपये का एरियर 10 दिन में वितरित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, नगर परिषद टोंक में 46 सफाई कर्मचारी गैर-वाल्मीकि समाज के हैं, जो सफाई का काम नहीं करते हैं। ऐसे में शहर की सफाई कैसे होगी? इससे वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों का दोहरा शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा, ’सरकार ने 30,000 सफाई कर्मियों की भर्ती की घोषणा की है। मुझे इसमें गैर-वाल्मीकि समाज के लोगों के फॉर्म भरने पर कोई आपत्ति नहीं है मगर उनका सफाई का काम करना जरूरी है।’

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