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 7 IPL मैच, 5 विदेशी प्लेयर जीत के हीरो

7 IPL मैच, 5 विदेशी प्लेयर जीत के हीरो



3 बार 200$ रन बने, युवा भारतीय टॉप स्कोरर; रिस्ट स्पिनर्स ने गेम बदला

स्पोर्ट्स | इंडियन प्रीमियर लीग में 5 दिन के बाद 7 मैच पूरे हो चुके हैं। शुरुआती ट्रेंड में विदेशी प्लेयर्स और रिस्ट स्पिनर्स का बोलबाला रहा। युवा भारतीय खिलाड़ी जैसे रवि बिश्नोई ने गेंदबाजी से प्रभावित किया। वहीं ऋतुराज गायकवाड़, साई सुदर्शन और तिलक वर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया।

हालांकि 7 में से 5 मुकाबलों में विदेशी खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच (च्व्ज्ड) रहे। दूसरी ओर बेन स्टोक्स, सैम करन, हैरी ब्रूक और कैमरून ग्रीन जैसे करोड़ों में बिकने वाले खिलाड़ियों का अब तक का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।

आगे स्टोरी में हम प्च्स् के शुरुआती 7 मैचों का ट्रेंड जानेंगे। किन खिलाड़ियों का दबदबा रहा, स्कोरिंग रेट कैसा रहा और कौन से खिलाड़ी गेमचेंजर साबित हुए। साथ ही टॉप कमाई वाले फ्लॉप खिलाड़ियों पर भी नजर डालेंगे।

स्टोरी में आगे बढ़ने से पहले प्च्स् की पॉइंट्स टेबल देख लेते हैं.

डिफेंडिंग चैंपियंस अब तक की बेस्ट टीम

प्च्स् की डिफेंडिंग चैंपियन टीम गुजरात टाइटंस ने टूर्नामेंट का आगाज ही चेन्नई सुपर किंग्स पर जीत के साथ किया। टीम ने फिर दिल्ली को उसके घरेलू ग्राउंड पर 6 विकेट से हराया। टीम 2 मैचों में 2 जीत के बाद 4 अंकों के साथ पहले नंबर पर है। राजस्थान, बेंगलुरु, लखनऊ, पंजाब और चेन्नई को एक-एक मुकाबलों में जीत मिली।

दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआती दोनों मैच हारे हैं। दिल्ली के अलावा कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद टीम को भी पहली जीत की तलाश है।

महंगे खिलाड़ियों का फीका प्रदर्शन

प्च्स् मिनी ऑक्शन में ऑलराउंडर्स और खासतौर पर विदेशी खिलाड़ियों की तिजोरी खूब भरी थी, लेकिन टूर्नामेंट के पहले सप्ताह में उन महंगे खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इनमें 17.50 करोड़ के कैमरून ग्रीन, 16.25 करोड़ के बेन स्टोक्स और 13.25 करोड़ के हैरी ब्रूक का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा।

मुंबई के ग्रीन बेंगलुरु में बैटिंग विकेट पर 5 रन ही बना सके और 2 ओवर की बॉलिंग में 30 रन दे बैठे। स्टोक्स भी 2 मैचों में 15 रन ही बना सके। एक ही ओवर बॉलिंग की, उसमें भी 18 रन दे दिए। राजस्थान के खिलाफ 204 रन के टारगेट के सामने ब्रूक 21 बॉल में 13 रन ही बना सके।

18.50 करोड़ रुपए में पंजाब टीम का हिस्सा बने सैम करन ने बैटिंग में 17 बॉल पर 26 रन बनाने के साथ आंद्रे रसेल का एक विकेट जरूर लिया है, लेकिन वह बॉलिंग में थोड़े महंगे साबित हुए। वहीं 16 करोड़ रुपए में लखनऊ टीम का हिस्सा बने निकोलस पूरन ने इन सबसे बेहतरीन 39 बॉल पर 6 छक्कों के सहारे 68 रन बनाए हैं, लेकिन वह भी ब्ैज्ञ के खिलाफ करीबी मुकाबले में अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

इनके अलावा 10 करोड़ के मार्कस स्टोइनिस 28 बॉल में 21 रन ही बना सके हैं। 8.25 करोड़ की कीमत वाले टिम डेविड बैटिंग में तो वहीं 8 करोड़ के जोफ्रा आर्चर बॉलिंग में फ्लॉप रहे। दोनों ही मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा हैं।

7 मैचों में सिर्फ 2 च्व्ज्ड अवॉर्ड भारतीयों को

प्च्स् में आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अफ्रीकी और विंडीज प्लेयर्स का दबदबा देखने को मिलता है। इस बार के शुरुआती ट्रेंड में भी अब तक 7 में से 5 बार विदेशी प्लेयर्स को ही प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला। इनमें अफगानिस्तान के राशिद खान, वेस्टइंडीज के काइल मेयर्स, साउथ अफ्रीका के फाफ डु प्लेसिस और इंग्लैंड के मोईन अली और जोस बटलर शामिल हैं।

भारतीय खिलाड़ियों में गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन, पंजाब किंग्स के अर्शदीप सिंह ही प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत सके। राजस्थान रॉयल्स के युजवेंद्र चहल भी प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, लेकिन उन्हें बटलर के साथ संयुक्त रूप से यह अवॉर्ड मिला था।

हार्दिक, रोहित, राहुल की फ्लॉप शुरुआत

कोहली, धोनी जैसे भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती मैचों में ही अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी, वहीं कुछ बड़े भारतीय खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो अब तक बुरी तरह फ्लॉप रहे हैं। इनमें लखनऊ के कप्तान केएल राहुल और मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा का बैटिंग में प्रदर्शन अपनी टीम की हार की वजह भी बना। रोहित जहां बेंगलुरु के खिलाफ 10 गेंदों में एक ही रन बना सके थे, वहीं राहुल अब तक 30 गेंदों में 20 ही रन बना सके हैं।

हार्दिक पंड्या 2 मैचों में 15 बॉल पर 8 ही रन बना पाए और वह एक भी विकेट नहीं ले सके। अन्य गेंदबाजों में 14 करोड़ रुपए के दीपक चाहर बहुत महंगे साबित हुए हैं। ब्ैज्ञ के लिए अब तक 2 मैचों में वे एक भी विकेट नहीं ले सके, जबकि उन्होंने 11 की इकोनॉमी से 8 ओवरों में 84 रन दिए हैं। इनके अलावा ईशान किशन, शार्दुल ठाकुर, राहुल त्रिपाठी, पृथ्वी शॉ और सूर्यकुमार यादव जैसे स्टार भारतीय खिलाड़ी भी शुरुआती मैचों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं।

3 बार 200$ रन बने

स्कोरिंग रेट की बात करें तो टूर्नामेंट में हाई स्कोरिंग मैच हो रहे हैं। 7 मैचों की 14 पारियों में 3 बार 200 से ज्यादा रन बन गए। ब्ैज्ञ ने चेपॉक स्टेडियम में अब तक का सबसे बड़ा 217 रन का स्कोर बनाया था, जिसके जवाब में स्ैळ ने भी 205 रन बना लिए थे।

सबसे छोटा स्कोर ैत्भ् के नाम है, टीम त्त् के पहली पारी में 203 रन के जवाब में 8 विकेट पर 131 रन ही बना सकी थी। टूर्नामेंट में अब तक पहली पारी का औसत स्कोर 188 और दूसरी पारी का औसत स्कोर 163 रन रहा है।

57.14þ मैच चेज करने वाली टीमों ने हारे

टूर्नामेंट में एक ट्रेंड बहुत कॉमन रहा, वो है टॉस जीतकर फीलिं्डग चुनने का, लेकिन इस सीजन में अब तक टॉस जीतना मैच जीतने की गारंटी नहीं है, क्योंकि टॉस जीतने वाली सभी 7 टीमों ने फीलिं्डग तो चुनी, लेकिन 4 बार मैच पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने जीते। यानी कि चेज करने वाली टीमें 43.86þ मैच ही जीत सकी हैं।

71.43þ मैच होम टीमों ने जीते

प्च्स् पूरे 3 सीजन के बाद होम-अवे फॉर्मेट में लौटा है। इसका असर भी देखने को मिला, 7 में से 5 मैच होम टीमों ने ही जीते। केवल 2 बार दिल्ली और हैदराबाद को ही अपने घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा। हैदराबाद में तो राजस्थान ने टॉस हारने के बावजूद 72 रन के बड़े अंतर से मैच जीता। वहीं गुजरात ने दिल्ली को 6 विकेट से हराया।


पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपरजायंट्स 3 ऐसी टीमें रहीं, जिन्होंने अपने घरेलू मैदान पर टॉस हारने के बाद भी मैच जीते, जबकि गुजरात और बेंगलुरु ने घरेलू मैदान पर टॉस और मैच दोनों जीते।

रिस्ट स्पिनर्स बन रहे गेमचेंजर

अब तक के ट्रेंड में रिस्ट स्पिनर्स गेमचेंजर साबित हुए हैं। इनमें गुजरात के राशिद खान, राजस्थान के युजवेंद्र चहल, लखनऊ के रवि बिश्नोई ने अपनी टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-5 विकेट टेकर की लिस्ट में जगह भी बनाई। इनके अलावा बेंगलुरु के कर्ण शर्मा ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 2 अहम विकेट लेकर मुंबई को बड़ा स्कोर बनाने से रोका था।


दिल्ली के कुलदीप यादव ने भी बैटर्स को बांधे रखा और अहम मौकों पर विकेट भी निकाले। इन रिस्ट स्पिनर्स के अलावा चेन्नई के मोईन अली, रवींद्र जडेजा और मिचेल सैंटनर, कोलकाता के सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती जैसे फिंगर स्पिनर्स भी अपनी टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए हैं।

तेज गेंदबाज पर्पल कैप की लिस्ट में

रिस्ट स्पिनर्स जहां गेमचेंजर हो रहे तो वहीं इंटरनेशनल पेसर्स ज्यादा विकेट चटका कर पर्पल कैप की रेस में आगे हैं। लखनऊ के मार्क वुड ने 2 ही मैचों में 8 विकेट झटक लिए हैं। इस लिस्ट में गुजरात के मोहम्मद शमी 5 विकेट के साथ दूसरे और 4 विकेट के साथ अल्जारी जोसेफ छठे नंबर पर हैं।


इनके अलावा राजस्थान के ट्रेंट बोल्ट, हैदराबाद के फजलहक फारूकी, पंजाब के अर्शदीप सिंह और दिल्ली के एनरिक नॉक्र्या ने भी अपनी टीमों को शुरुआती ओवरों में ही विकेट दिलाने का काम किया है। आने वाले मैचों में कगिसो रबाडा, जोफ्रा आर्चर, उमरान मलिक, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव भी इस लिस्ट में शामिल होते नजर आ सकते हैं।

युवा भारतीय टॉप स्कोरर लिस्ट में आगे

टूर्नामेंट में अब तक एक भी सेंचुरी नहीं लगी, लेकिन युवा भारतीय खिलाड़ी टॉप रन स्कोरर की लिस्ट में आगे हैं। ब्ैज्ञ के ऋतुराज गायकवाड 2 मैचों में 2 फिफ्टी के सहारे 149 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे हैं। इस लिस्ट में मुंबई के तिलक वर्मा और गुजरात के साई सुदर्शन 84-84 रन बनाकर चैथे स्थान पर हैं।


साथ ही लिस्ट में काइल मेयर्स, डेविड वॉर्नर, विराट कोहली और फाफ डु प्लेसिस के भी नाम हैं। वहीं दिल्ली के अभिषेक पोरेल, लखनऊ के आयुष बडोनी जैसे कुछ युवा बैटर्स ने शुरुआती मैचों में अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है।


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