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वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर विवाद

वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर विवाद



 कर्मचारी नेता बोले- मेंटेनेंस और ट्रायल अजमेर में हुआ, चलाने का काम भी हमें मिले

अजमेर | वंदे भारत ट्रेन में वर्किंग को लेकर जयपुर और अजमेर के कर्मचारियों में विवाद हो गया है। रेलवे की ओर से ट्रेन की वर्किंग जयपुर मंडल को दिए जाने का प्रस्ताव है। ऐसे में अजमेर के कर्मचारियों ने इन आदेशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अजमेर के कर्मचारी नाराज हैं। ऐसे में अजमेर मंडल के गार्ड, लोको पायलट व चेकिंग स्टाफ ने आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।

आंदोलन के तहत सोमवार शाम करीब 5 बजे नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले अजमेर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया गया। मंडल अध्यक्ष मोहन चेलानी ने कहा- की देश के प्रतिष्ठित गाड़ी वंदे भारत का संचालन अजमेर से दिल्ली के बीच हो रहा है। इसे लेकर के पब्लिक के साथ-साथ रेल कर्मचारी भी काफी उत्साहित हैं। ट्रायल के दौरान अजमेर मंडल के कर्मचारी लगातार मेंटेनेंस का काम कर रहे हैं। अजमेर से आबूरोड ट्रायल के दौरान अजमेर मंडल के स्टाफ ने इसे चलाने का काम भी किया। इस ट्रेन को चलाने और चेकिंग आदि का काम यहां स्टाफ को मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया- एक पत्र जारी हुआ है। इसमें जयपुर मंडल को वर्किंग जारी करने का आदेश प्राप्त हुआ है। इसे लेकर अजमेर मंडल का स्टाफ आक्रोशित है। सोमवार को नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे कर्मचारी यूनियन अजमेर मंडल के स्टाफ ने सांकेतिक रूप से मीटिंग कर प्रदर्शन किया गया है। इस आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। आने वाले समय में स्टेशन की सभी 10 शाखाएं भी अपना विरोध प्रदर्शन करेगी।

कर्मचारी नेता मोहन चेलानी ने कहा- जब वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस अजमेर में हो रहा है। इसकी वर्किंग भी अजमेर कर्मचारियों को देने का हक है। जयपुर मंडल से ज्यादा अजमेर मंडल 400 किलोमीटर पर ज्यादा गाड़ी चला रहा है। नियमों और वर्किंग के अनुसार अजमेर कर्मचारियों का इसमें हक बनता है।

कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी करवाई जाए

मोहन चेलानी ने बताया- वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस सीनियर सेक्शन इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, टेक्नीशियन और सहायक के द्वारा किया गया। इन्हें किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इनकी मांग है कि इन्हें कंपनी के इंजीनियर के द्वारा ट्रेनिंग दी जाए।

मोहन चेलानी ने चेतावनी देते हुए कहा- अगर अजमेर मंडल को इसकी वर्किंग नहीं दी गई तो आवश्यकता पड़ने पर वंदे भारत के उद्घाटन के समय कर्मचारियों के द्वारा विरोध जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन में लोको पायलट, गार्ड और टीटी सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

4 दिन हुआ था ट्रायल

राजस्थान की पहली वंदे भारत ट्रेन का पहला ट्रायल अजमेर से आबूरोड किया गया। बाकी के तीन ट्रायल अजमेर से दिल्ली किए गए। इस दौरान वंदे भारत ट्रेन की स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई।

मदार डिपो पर हुआ मेंटेनेंस

वंदे भारत ट्रेन को ट्रायल के दौरान मदार डिपो पर रखा गया। इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन और शार्ट सर्किट से संबंधित मेंटेनेंस पर काम हुआ। साथ ही जब पहले दिन वंदे भारत ट्रेन अजमेर मदार डिपो पहुंची थी तो इस दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने ट्रेन के दो कांच तोड़ दिए। इसके बाद उसे भी ठीक करने के साथ ही छोटी-मोटी चीजों पर काम किया गया

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