Advertisement

वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर विवाद जारीः

वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर विवाद जारीः

NWREU संगठन ने किया प्रदर्शन, बोले- अजमेर मंडल के स्टाफ को दी जाए वर्किंग

अजमेर | राजस्थान की वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर जयपुर-अजमेर मंडल के कर्मचारियों में विवाद जारी है। गुरुवार को अजमेर स्टेशन पर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर अजमेर मंडल के कर्मचारियों को वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग नहीं दी गई तो कर्मचारियों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।

नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन के मंडल अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग जयपुर मंडल को देने के लिए जारी हुए प्रस्ताव का अजमेर मंडल के कर्मचारियों द्वारा विरोध जारी है। विगत 5 दिनों से कर्मचारी आंदोलनरत है। चेलानी ने कहा कि अगर वंदे भारत ट्रेन का संचालन जब अजमेर से हो रहा है तो इसकी वर्किंग भी अजमेर मंडल के कर्मचारियों को ही देने का हक है। गुरुवार को भी नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले स्टेशन पर प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शन कर उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय और अजमेर रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

विवाद आखिर क्या है? इस तरह समझते हैं..

जयपुर मंडल को वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रेलवे का है। इसका मतलब यह हुआ कि ट्रेन के संचालन में पूरी तरह जो स्टाफ लगाए जाएंगे, वो जयपुर रेल मंडल के होंगे। इसका फायदा भी सबसे ज्यादा जयपुर मंडल के स्टाफ को मिलेगा। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे कर्मचारी यूनियन के मंडल अध्यक्ष मोहन चेलानी कहते हैं- जो रनिंग स्टाफ और चेकिंग स्टाफ गाड़ी में चलता है, उनको किलोमीटर के हिसाब से भत्ता मिलता है। इसलिए गाड़ी के संचालन में जिस मंडल को कार्य मिलता है, उस मंडल के कर्मचारियों को सीधे तौर पर उसका आर्थिक लाभ भी मिलेगा। साथ ही, नई गाड़ियों के संचालन के लिए नए पद भी बनते हैं। इससे कर्मचारियों की संख्या बढ़ती है। इसका सीधा फायदा कर्मचारियों को प्रमोशन के रूप में मिलता है।

0 Response to "वंदे भारत ट्रेन की वर्किंग को लेकर विवाद जारीः"

एक टिप्पणी भेजें

ADVERTISEMENT

advertising articles 2

Advertise under the article

DMCA.com Protection Status