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भूखे प्यासे रहकर खुद को बुराई से बचाते है अकीदतमंद

भूखे प्यासे रहकर खुद को बुराई से बचाते है अकीदतमंद



 किशोरपुरा ईदगाह में अदा की गई नमाज, भाईचारे के साथ, गिले शिकवे भूलने का दिया संदेश

कोटा | ईद उल फितर का त्योहार कोटा में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के मुकद्दस महीने के बाद शुक्रवार को चांद नजर आते ही शनिवार सुबह से ही ईद की नमाज के लिए अकीदतमंदों ने ईदगाह की ओर रुख किया। किशोरपुरा मुख्य ईदगाह में शहर काजी जुबेर अहमद ने ईद की नमाज अदा कार्रवाई करवा कर देश में अमन चैन खुशहाली की दुआएं करवाई। हजारों की तादाद में नमाज अदा करने पहुंचे सभी ने देश मे अमन चैन खुशहाली की दुआएं की।

नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले लगकर ईद की बधाई दी। इस दौरान शहर काजी जुबेर अहमद ने कहा कि ईद का त्योहार खुशियां बढ़ाने वाला त्योहार है। यह हमे साथ रहना, गरीबों की मदद करना सिखाता है। एक महीने तक लोग रोजे रखकर भूखे प्यासे रहते हैं और खुद को बुराइयों से बचाते है। लेकिन इसके बाद फर्ज है कि गरीबों को भी ईद की खुशियां मनाने का मौका मिले। इसलिए इन लोगों की जो मदद हो वह की जाती है और करनी चाहिए। यह त्यौहार गिले शिकवे भूलकर गले लगना सिखाता है। भाईचारे को बढ़ाना सिखाता है। इंसानियत ही सबसे ऊपर है। ईदगाह पर जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर सभी को ईद की मुबारकबाद दी। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और उनके बेटे अमित धारीवाल भी ईदगाह पहुंचे जहां उन्होंने शहर काजी जुबेर अहमद सहित सभी को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। मंत्री शांति धारीवाल ने दिवंगत शहर काजी अनवार अहमद के संदेशों याद करते हुए कहा उन्होंने हमेशा भाईचारे सौहार्द की मिसाल पेश की है।


वहीं उन्होंने नए शहर काजी जुबेर अहमद को शुभकामनाएं दी। ईदगाह के बाहर ईद मिलन समारोह भी आयोजित किया गया जहां प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहर वासियों को ईद की मुबारकबाद दी और सेवइयां खिलाकर मुंह मीठा कराया।

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