आरटीई के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली पुनर्भरण राशि का समय पर नहीं मिल भुगतान,
- आरटीई भुगतान नहीं होने से निजी विद्यालय संचालक डीईओ कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर,
- भुगतान विसंगतियां नहीं सुधारी तो निजी स्कूल संचालकों ने आंदोलन की दी चेतावनी,
- मुख्यमंत्री के नाम निजी स्कूल संचालकों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर :- बाबूलाल मीना परास्या
अलीगढ़/उनियारा । आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत 25% सीटों पर निशुल्क अध्ययन करने वाले बालकों की पुनर्भरण राशि के एवज में मिलने वाला भुगतान का समय पर भुगतान नहीं होने से अलीगढ़ (उनियारा) ब्लॉक के निजी विद्यालय संचालकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम अलीगढ़ तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अविलंब भुगतान करवाने एवं पुनर्भरण राशि का भविष्य में समय पर भुगतान करवाने की मांग की है।
निजी स्कूल संचालकों ने सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि एक ओर सरकार जहां आरटीई के तहत 25% सीटों पर निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश तो करवाती हैं, ऐसे में आरटीई के तहत निशुल्क पढ़ने वाले बालकों को प्रदेश के सभी निजी विद्यालय ईमानदारी के साथ शिक्षा ग्रहण करवा रहें हैं। वहीं इन बालकों से किसी भी तरह का शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाता है। जिसका भौतिक सत्यापन सरकार द्वारा करवाया जाता है। लेकिन चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकार पुनर्भरण राशि का समय पर भुगतान नहीं करती है। कई ऐसे भी विद्यालय है जिनके द्वारा सत्र 2021-22 का द्वितीय किस्त का क्लेम बिल रजिस्टर्ड डाक ऐडी द्वारा करीब 6 माह पहले कार्यालय में भिजवा दिया था। जिसके बाद विभाग ने कुछ त्रुटियां बताकर क्लेम बिल को सही कर शीघ्र भुगतान करवाने का आश्वासन दिया था। जिसके बावजूद भी कई विद्यालयों का सत्र 2021-22 की द्वितीय किस्त का भुगतान का आदेश नहीं किया है, जबकि कई निजी विद्यालय के आदेश तो कर दिए लेकिन लम्बे समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे निजी विद्यालय संचालक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के चक्कर काटने के मजबूर है। उनियारा अलीगढ़ ब्लॉक में माह मार्च 2023 में सत्र 2021-22 की द्वितीय किस्त एवं सत्र 2022-23 की प्रथम किस्त का भुगतान आदेश कर बिल कोषालय कार्यालय (ट्रेजरी) में भिजवा दिया गए थे, लेकिन 31 मार्च तक भी भुगतान नहीं किया गया। जानकारी करने पर बताया गया कि अब इन बिलो के भुगतान में अब समय लगेगा। ऐसे में जानबूझकर निजी विद्यालय के साथ पक्षपात किया जा रहा है, ऐसे में शिक्षा विभाग के इस पक्षपात रवैया से निजी विद्यालयों के सामने आर्थिक संकट मंडरा रहा है। निजी स्कूल संचालकों का आरोप है कि यह लापरवाही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (प्रारंभिक) टोंक द्वारा ही बरती जा रही है, जबकि माध्यमिक सेटअप में लगातार समय पर भुगतान हो रहा है। अब ऐसे में अब समस्त निजी विद्यालय के संचालकों ने विभाग को चेताया हैं कि मामले की जांच करवाने एवं आरटीई की राशि का शीघ्र भुगतान करवाने के आदेश फरमावे अन्यथा मजबूरन निजी विद्यालय संचालकों को आंदोलन की राह पकड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में राजेन्द्र गौतम, मुनीम मीना, रामबाबू शर्मा, हेमराज मीणा, शांतनु शर्मा, रामजीलाल सैनी, हनुमान शर्मा, पारस चंद जैन, ताबीज जुबैरी, शादाब आदि सहित अनेक निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे।

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