संभाग बनाने को लेकर संघर्ष समिति का गठन
रविवार, 2 अप्रैल 2023
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भीलवाड़ा को संभाग बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
भीलवाड़ा |
राजस्थान सरकार द्वारा अभी हाल ही में नये जिले बनाने एवं नवीन 3 संभाग बनाये गये है। इसमें भीलवाड़ा जिले को संभाग घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार से भीलवाड़ा को संभाग बनाने की मांग की है।
द मूवमेन्ट ऑफ इण्डिया फाउण्डेशन एवं सामाजिक संगठनांे की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भेजकर भीलवाड़ा को संभाग की आवश्यकता बताते हुए मांग की गई कि भीलवाड़ा का संभाग के लिये वास्तविक हक बनता है, जो कि राज्य सरकार ने भीलवाड़ा की उपेक्षा की है। सरकार से मांग है कि भीलवाड़ा देश-विदेश मंे कपड़ा एवं खनन के क्षैत्र में प्रसिद्ध है तथा केन्द्र व राज्य को सर्वाधिक राजस्व प्रधान करता है, वहीं भीलवाड़ा औद्योगिक दृष्टि के साथ ही मैट्रो सिटी की ओर अग्रसर हो रहा है जो कि भीलवाड़ा को संभाग का अपने आपमें हक बनता है।
द मूवमेन्ट ऑफ इण्डिया फाउण्डेशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता दयाराम दिव्य ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में भीलवाड़ा की उपेक्षा राजनैतिक एवं भौगोलिक दृष्टि से ठीक नहीं है। प्रदेश में नवीन जिलों के साथ ही अन्य संभागांे का बनाया जाना सरकार का कार्य है एवं जनहितों के साथ ही विकास को प्राथमिकता मिलता है लेकिन सरकार को चाहिये कि जिसका वास्तविक अधिकार एवं हक बनता है दलगत राजनीति से उपर उठकर देना चाहिए।
दिव्य ने राज्य सरकार को इस सम्बन्ध में अविलम्ब निर्णय कर रामलुभाया कमेटी को इसकी सिफारिश कर अविलम्ब भीलवाड़ा को डिवीजन बनाने की मांग की है। आज इस सम्बन्ध में सामाजिक संगठनांे की आयोजित वर्किंग कमेटी में भीलवाड़ा संभाग बनाओं संघर्ष समिति का गठन किया गया एवं प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को सुझाव दिया गया कि नवीन संभाग के तहत भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द, बून्दी, नवीन प्रस्तावित केकड़ी एवं शाहपुरा जिले को शामिल करने के लिये आग्रह किया गया। समिति की शीघ्र बैठक रखी गई है।
भीलवाड़ा को डिवीजन बनाने को लेकर उपखण्ड क्षैत्र पर संघर्ष समिति के गठन पर भी चर्चा की गई। इस सम्बन्ध में शीघ्र ही प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यपाल एवं रामलुभाया कमेटी से मिलेगा।

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