भगवान चंद्रप्रभु की शांतिधारा की, 93 श्रद्धालुओं ने लगाई 108 परिक्रमा
टोंक। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन नसियां तेरापंथीयान चतुर्भुज तालाब के पास पुरानी टोंक में रविवार को वार्षिक उत्सव मनाया गया। समिति के सह मंत्री राहुल अनोपड़ा एवं मनीष सोनी ने बताया कि वार्षिक उत्सव के अंतर्गत नसियां परिसर में रविवार प्रात: भगवान चंद्रप्रभु, शांतिनाथ आदिनाथ एपारसनाथ का अभिषेक एवं शांति धारा की गई । क्षीर सागर से जल लाकर भगवान चंद्रप्रभु की जयकारों के साथ वृहद शांति धारा की, तत्पश्चात नित्य नियम, चंद्रप्रभु भगवान, पारसनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान एवं 24 तीर्थंकर की पूजा कर अध्र्य एवं श्रीफल चढ़ाए गए। समाज के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी राजेश अरिहंत ने बताया कि वार्षिक उत्सव के अवसर पर नसिया परिसर को दुल्हन की भांति सुंदर सजाया गया, 93 श्रद्धालुओं द्वारा नसियां परिसर की 108 परिक्रमा लगाई गई एवं लगभग 400 श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कार्यक्रम में भाग लिया, श्रद्धालु भक्ति भाव एवं भजन गाते हुए चल रहे थे। भक्तजन भगवान चंद्रप्रभु के जयकारे लगाते हुए णमोकार मंत्र का जाप करते हुए विनतीया गाते हुए हाथों में अष्ट द्रव्य लिए हुए चल रहे थे, परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में नेवैद्य समर्पित किया। नसियां समिति के अध्यक्ष देवराज काला एवं मंत्री चेतन बिलासपुरिया द्वारा श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। परिक्रमा कार्यक्रम में कविता तृप्ति, संजू, बीना, चमेली, सोना, संगीता, इंदिरा, पायल, मंजू, रिंकू, अनीता, सुनीता, निर्मल चौधरी, देवराज, चेतन, राहुल, मनीष, प्रदीप, पारस, राकेश, मनोज एवं नरेंद्र सहित निवाई, जयपुर, कोटा, दिल्ली आदि के श्रद्धालुओं ने भाग लिया । भंडार व्यवस्थापक पारस सोनी ने बताया कि 108 परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं को लक्की ड्रा के माध्यम से रानी सोनी एवं प्रकाश सोनी द्वारा चांदी के सिक्के पुरस्कार में प्रदान किए गए, जिसमें प्रियंका काला, पीहू सोनी, तनय सोगानी आदि को पुरस्कार मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । ज्ञातव्य है कि नसियां की 108 परिक्रमा लगाने में लगभग 11 किलोमीटर पैदल यात्रा होती है । परिक्रमा कार्यक्रम में सर्वाधिक 232 परिक्रमा बल्लू जयपुरिया द्वारा लगाई गई, जिनका समिति द्वारा दुपट्टा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया।

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