सुरक्षित बचपन के लिए सभी की भागीदारी आवश्यक
श्री सुधा सागर पब्लिक स्कूल आँवा में स्पर्श अभियान में गुड टच-बेड टच के बारे में समझाया
दुनी/देवली (हरी शंकर माली) | स्पर्श अभियान सुरक्षित बचपन के लिए एक अभिनव पहल के तहत तहसील क्षेत्र के आँवा स्थित श्री सुधा सागर पब्लिक स्कूल मे गुड टच-बेड टच की थीम पर बच्चों को उनके साथ होने वाले अपराध से बचने के लिए जागरुक किया । स्पर्श टीम के प्रयास से अब तक प्रदेश की करीब 700 शिक्षण संस्थाओं में ढाई लाख से अधिक बच्चों को इस अभियान के तहत गुड टच-बेड टच के बारे में बताकर ऐसे अपराधों से बचने के तरीके बताए जा चुके है। इसमें शुक्रवार को आंवा के श्री सुधा सागर पब्लिक स्कूल के बच्चे शामिल हुवे । इस दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय दुर्गापुरा की डिजिटल शिक्षिका ललिता पारीक ने सभी छात्र/छात्राओ , शिक्षक एवं शिक्षिकाओ को गुड टच-बेड टच के बारे में बाताया। इसमें छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि इस समाज में कई प्रकार की मानसिकता वाले व्यक्ति रहते है। उनमें से कुछ लोग गलत मानसिकता रखते है। वह बच्चों के साथ गलत हरकत करते है। हम सब इन सब से बच सकते है। इसके लिए हमें खुद को जागरूक होना पड़ेगा और अपना बचाव खुद करना पड़ेगा। बच्चो को प्रोजेक्टर, स्लाईड, पीपीटी व फलेक्स के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई।
वॉलेंटियर अविनाश पारीक ने बताया कि जिस स्कूल में जाते है वहां करीब 45 मिनट से एक घंटे तक् स्कूल भवन का उपयोग करते है। बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध का मुख्य कारण बच्चों में जागरूकता की कमी होती हैं. माता–पिता अपना कर्तव्य केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, खाना-पीना, कपड़े पहनना, बड़ों का सम्मान करना और अच्छे संस्कार देने तक सीमित मानते हैं. लेकिन वर्तमान समय में बच्चों को यौन शिक्षा देने के साथ ही उन्हें अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श के बारे में बताना भी एक जरुरी विषय है। बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध का मुख्य कारण बच्चों में जागरूकता की कमी होती हैं. माता–पिता अपना कर्तव्य केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, खाना-पीना, कपड़े पहनना, बड़ों का सम्मान करना और अच्छे संस्कार देने तक सीमित मानते हैं. लेकिन वर्तमान समय में बच्चों को यौन शिक्षा देने के साथ ही उन्हें अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श के बारे में बताना भी एक जरुरी विषय है. माता-पिता अपने बच्चों को अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श के बारे में बताना कम जरूरी समझते हैं और संकोच भी करते हैं, जिसके कारण बच्चे यौन शोषण के शिकार होते हैं।
अच्छा स्पर्श - अगर कोई आपको स्पर्श करे और उससे आपको अच्छा लगे तो ये गुड टच होता है
बुरा स्पर्श - जब कोई आपको इस तरह से स्पर्श करे कि आपको उससे बुरा लगे तो ये बैड टच होता है।अगर कोई अनजान व्यक्ति प्राइवेट पार्ट्स गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो यह बैड टच होता है।

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