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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरीचरण सिंह की भावना से खेती के विकास को प्रेरित करता हैं- सुखबीर सिंह जौनापुरिया

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरीचरण सिंह की भावना से खेती के विकास को प्रेरित करता हैं- सुखबीर सिंह जौनापुरिया


कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय किसान दिवस को मनाया राष्ट्रीय पर्व के तौर पर

निवाई। झिलाय के कृषि महाविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरीचरण सिंह के जन्म दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय किसान दिवस को लेकर संगोष्ठी का आयोजन समारोह पूर्वक किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कहा कि किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरीचरण सिंह के जन्म दिवस के उपलक्ष में मनाकर उनकी भावना से खेती के विकास को प्रेरित करता हैं। उन्होने कहा कि चौधरीचरण सिंह ने भारत के सभी किसानों को एकजूट किया तथा किसानों के लिए जमीदारी उन्मूलन अधिनियम सहित कई योजनाओं से किसानों की भलाई की रक्षा की। किसान भारत देश की अर्थव्यवस्था की रीढ की हड्डी हैं। जो भारत के आर्थिक विकास के लिए बहुत योगदान करता हैं। उन्होने प्रधानमंत्री की किसानों की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलपति प्रो. बलराज सिंह ने की तथा उन्होने बताया कि राजस्थान में 5 कृषि विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होने बताया की श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के 15 कृषि महाविद्यालय चल रहे हैं। उन्होने बताया कि राजस्थान में कृषि के विकास पर हम काफी आगे हैं। उद्यानिकी के बारे में उन्होने राजस्थान में नई-नई तकनीकियों से मसाले वाली फसलों को बढावा देना, फसलदार पौधों, सब्जियों में भी नई तकनीकीयों को बढावा देने के लिए प्रेरित किया। अधिष्ठाता डॉ. रामप्रसाद जाट ने किसान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुये बताया कि राष्ट्रीय किसान दिवस भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सम्मान में पूरे राष्ट्र में मनाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह एक आदर्श किसान नेता थे और एक किसान परिवार से संबंध रखते थे। यही कारण था कि वह खुद को किसानों के मुद्दों से जुडा हुआ रखते थे। उन्होने भारतीय किसानों के जीवन में सुधार के लिए नई नीतियाँ शुरु की जिससे उनकों किसानों का मसीहा कहा जाता हैं। इस दौरान उन्होंने पशुपालन, डेयरी प्रबन्धन, पशुपोषण, प्रजनन व स्वास्थ्य के साथ-साथ रखरखाव की आधुनिक तकनीकीयों की चर्चा की। विषिष्ट अतिथि विधायक रामसहाय वर्मा ने बताया कि चौधरी चरण सिंह को मिट्टी-खेती का पुत्र भी माना जाता हैं। यह राष्ट्रीय दिवस एक स्वतंत्र और मजबूत भारतीय किसानों का सम्मान रखता हैं। विषिष्ट अतिथि जिला प्रमुख सरोज बंसल ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान व प्रसार पर जोर दिया व विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा से देश के विकास हेतु आह्वान किया। सहायक आचार्य डॉ. रामजीलाल मीणा ने कृषि की नई-नई तकनीकीयों में ऊतक संवर्धन, नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया। सहायक आचार्य रविकुमार मीणा ने राष्ट्रीय किसान दिवस पर जैविक खेती के बारे में बताते हुए कृषि शिक्षा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समारोह में कृषि स्नातक के 113 विद्यार्थी व लगभग 150 किसान इस राष्ट्रीय पर्व से लाभान्वित हुये। कार्यक्रम में मंच संचालन हरिराम किवाडा ने किया। इस दौरान प्रधान श्री रामअवतार लाँगडी, जिला परिषद सदस्य नरेश नायक, सरपंच कान्ति देवी शर्मा, मुकेश दगोलिया, राजेश शर्मा पीपलू, देवराज गुर्जर, छोटूलाल शर्मा, बाबूलाल मंडालिया, सहायक आचार्य डॉ. अनिता चौधरी, डॉ. पुष्पा उज्जैनिया, आकाश तँवर, राजवीर सिंह सहित प्रगतिशील किसान मोहनलाल बैरवा, नवहिन्द चैधरी देवली, रामकिशोर चौधरी, भवानी शंकर, देवालाल चौधरी, विजय गोविन्द बेनीवाल, दुर्गालाल बैरवा, आत्माराम, मनीष चौधरी कठमाणा, कालूराम व रामपाल सहित कई जनप्रतिनिधि व किसान मौजूद थे।

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