महिला शक्ति का अभेद्य सफर 'साइक्लोथॉन ’ का राजस्थान में प्रवेश, रतनपुर बॉर्डर पर पधारो म्हारे देश से किया जोरदार स्वागत
राजस्थान डायरेक्टरेट के उदयपुर ग्रुप एनसीसी ने किया स्वागत
भीलवाड़ा | देश के 75वे अमृत महोत्सव के तहत कन्याकुमारी से शुरू हुए साइक्लोथॉन 'महिला शक्ति का अभेद्य सफर' का गुजरात के श्यामला जी से राजस्थान की सीमा रतनपुर बॉर्डर में प्रवेश हुआ। कन्याकुमारी से दिल्ली तक साइक्लोथॉन 8 दिसंबर से शुरू हो गया है इसमे 20 सदस्य एक टीम भाग ले रही है। साइकिल से 3 हजार 232 किलोमीटर की दूरी तय कर इस साइक्लोथॉन का समापन 21 जनवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा | इस बीच बुधवार को रतनपुर बोर्डर से होते हुए ऋषभदेव साइक्लोथॉन पहुंची। रतनपुर बॉर्डर पर राजस्थान के उदयपुर ग्रुप के 60 से अधिक एनसीसी कैडेट,सैन्य स्टाफ,अन्य नागरिकों ने प्रवेश पर जोरदार स्वागत किया।इस अवसर पर ऋषभदेव राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सतीश चंद्र जैन ने झंडी दिखाकर साइक्लोथॉन सदस्यों का स्वागत किया और उनकी भविष्य की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। साइक्लोथॉन में तेरह राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की बालिका कैडेट भाग ले रही है और बुधवार को श्यामला होते हुए ऋषभदेव में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनाया। इस स्मारकीय साइक्लोथॉन का लक्ष्य 28 जनवरी को दिल्ली में अपने प्रेरक अभियान का समापन करना है।"महिला शक्ति का अभेद्य सफर" या "बेजोड़ महिला शक्ति की यात्रा" नाम से यह साइक्लोथॉन महिला सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो एनसीसी के मिशन के दिल के करीब है। राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक, डीजी एनसीसी ने 8 दिसंबर, 2023 को कन्याकुमारी के दक्षिणी सिरे से साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाई, जो भारत के हृदय क्षेत्रों के माध्यम से एक परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत करता है।केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, दमन और दीव, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के सुरम्य परिदृश्य और विविध संस्कृतियों से गुजरते हुए, साइक्लोथॉन इन युवा महिलाओं की अडिग भावना का एक प्रमाण है, जो औसतन 120 से 130 किलोमीटर की दूरी तय करती है। राजस्थान डायरेक्ट्रेट के उदयपुर ग्रुप के ग्रुप कमांडर कर्नल भास्कर चक्रवर्ती ने साइक्लोथॉन के सदस्य ब्रिगेडियर एनएस चारग सहित सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए बताया की "इस साइक्लोथॉन का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है,जिसका लक्ष्य न केवल जागरूकता फैलाना है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से अपना संदेश पहुंचाना है, जिससे हमारे समाज में महिलाओं की क्षमताओं और क्षमता के बारे में लोगों को प्रेरणा मिल सके।उदयपुर ग्रुप के 10 राज बटालियन के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विपुल बाया ने बताया की भारतीय लड़कियों और बड़े पैमाने पर समाज को सशक्त बनाने में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है,एनसीसी द्वारा बढ़ावा दिया गया शारीरिक प्रशिक्षण और समग्र विकास इन युवा महिलाओं को भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ ताकत, आत्मनिर्भरता और अधिकारों के बारे में जागरूकता प्रदान करता है। साइक्लोथोन के टीम सदस्य कैडेट ने अपने अनुभव एवं विचार साजा किए।

0 Response to " महिला शक्ति का अभेद्य सफर 'साइक्लोथॉन ’ का राजस्थान में प्रवेश, रतनपुर बॉर्डर पर पधारो म्हारे देश से किया जोरदार स्वागत "
एक टिप्पणी भेजें