अधिकारियों की लापरवाही से पेयजलापूर्ति के पम्प हाउस हुए जर्जर।
क्षतिग्रस्त पंप हाउस में पैदा हुए सांप बिच्छू जहरीले जीव
चाकसू/रमा शर्मा/सुरीला राजस्थान
चाकसू नगर पालिका क्षेत्र जलापूर्ति के लिए बरसों पुरानी बनी टंकियों एवं भूतल जलाशयों की देखभाल, समय समय पर मरम्मत एवं नियमित साफ-सफाई के अभाव में हालात दयनीय होते जा रहे हैं। जलदाय विभाग गोलीराव तालाब किनारे सबसे पुराना मूत्र जलाशय एवं टंकी हो अथवा कोटखावदा रोड पर स्थित पम्प हाउस एवं वाटर टेंक, छांदेल कला क्षेत्र में निर्मित भूतल जलाशयों एवं वाटर टेंक के साथ निर्मित भवनों की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कर्मचारी यहां रुकना ही नहीं चाहते, जर्जर क्षतिग्रस्त भवन एवं जलाशयों की छत कभी भी धराशाई हो सकती है। अधिकारियों ने समय रहते कभी भी इनकी मरम्मत अथवा जीर्णोद्धार पर ध्यान नहीं दिया।
कोटखावदा रोड पर देवनारायण छात्रावास के पास निर्मित पम्प हाउस इतना जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुका है कि दरारों एवं पत्थरों के नीचे सांप बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े पैदा हो गया है। पानी सप्लाई का कार्य देख रहे कर्मचारियों में अनजाना भय व्याप्त हो गया है। परिसर की हालत देखकर ठहरते भी नहीं है।
कर्मचारियों द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या को लेकर बार-बार अवगत कराने के बावजूद भी इस समस्या के समाधान पर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। पंप ऑपरेटर प्रभु लाल सैनी ने बताया कि पंप हाउस के हालात बहुत खराब है यहां आए दिन जहरीले सांप बिच्छूओं का सामना करना पड़ रहा है पम्प हाउस ऑपरेटर को जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। लेकिन भवन की मरम्मत और सुविधाओं के बढ़ाने के लिए कभी भी प्रयास नहीं किया गया। बारिश के समय में कार्यालय के अंदर सांप, बिच्छू और गोह जैसे खतरनाक जीवों का डेरा होने से कर्मचारी दहशत में है। जलदाय विभाग जेईएन दिलखुश मीना ने बताया कि मौका स्थिति देखकर उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत करा कर पंप हाउस की रिपेयरिंग कराई जाएगी।


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