देश के मेडिकल टूरिज्म में विदेशों की रुचि
कोटा की डॉ. अनुकृति शर्मा ने एपेक देशों की कार्यशाला को संबोधित किया
कोटा | कोटा विश्वविद्यालय में बोम सदस्य और कॉमर्स एंड मैनेजमेंट विभाग की अध्यक्ष डॉ. अनुकृति ने मलेशिया में आयोजित हो रही एपेक देशों की कार्यशाला को संबोधित किया है। मलेशिया में 21 से 24 फरवरी तक एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन देशों की अर्थव्यवस्था व स्वास्थ्य संकट प्रबंधन में पर्यटन हितधारकों की तत्परता विषय पर कार्यशाला आयोजित हो रही है। डॉ. अनुकृति ने कार्यशाला में पर्यटन में प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर भारत का विचार रखा।
इस दौरान भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने, स्वच्छ भारत अभियान, कोरोना मैनेजमेंट समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यशाला में अधिकांश देशों से पर्यटन व्यवसाय, मेडिकल टूरिज्म और होटल उद्योग से जुड़े लोगों को बुलाया गया है। जबकि भारत से अकादमिक क्षेत्र से डॉ. अनुकृति शर्मा को बुलाया है। डॉ. अनुकृति कार्यशाला में चेयरपर्सन भी रहीं। डॉ. अनुकृति शर्मा ने बताया कि भारत एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन का सदस्य नहीं है। लेकिन भारत की बढ़ती ताकत को देखते हुए कार्यशाला में बुलाया गया है।
उन्होंने बताया कि दुनिया के देश ऐसे मंचों पर मेडिकल टूरिज्म में भारत की प्रगति को जानने के अधिक इच्छुक हैं। वहीं कोरोना के बाद सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन को लेकर भी लोगों का रुझान नजर आ रहा है। कार्यशाला में भारत और मलेशिया के अलावा एपेक राष्ट्र अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन, रूस, सिंगापुर, ताइवान, हांगकांग, थाईलैंड, इंडोनेशिया, ब्रुनेई, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, कनाडा, फिलीपींस, चिली, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पापुआ गिनी, पेरू के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

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