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योग महोत्सव-2023 ब्राइटर माइंड के प्रशिक्षित बच्चों ने फिर आंखों पर पट्टी बांध सूंघ कर बताए नोटों के नंबर जमाई

योग महोत्सव-2023 ब्राइटर माइंड के प्रशिक्षित बच्चों ने फिर आंखों पर पट्टी बांध सूंघ कर बताए नोटों के नंबर जमाई

 


 एक रंग की गिलासें हर दिन ध्यान, हर दिल ध्यान को करें जीवन में अंगीकार - श्री चौधरी योग में है नर को नारायण बनाने की क्षमता - श्रीमती भदेल

अजमेर तीन दिवसीय योग महोत्सव में दूसरे दिन शनिवार को सांसद श्री भागीरथ चौधरी ने हर दिन ध्यानहर दिल ध्यान को अंगीकार करने का आह्वान किया। विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि योग में नर को नारायण बनाने की क्षमता है। ब्राइटर माइंड के प्रशिक्षित बच्चों ने सूंघकर नोटों के नंबर बताए।

सांसद श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि धार्मिक नगरीअजमेर में तीन दिवसीय योग महोत्सव का आयोजन होना एक अच्छी शुरुआत है। वर्तमान में व्यक्ति का जीवन एक मशीन की तरह से संचालित हो रहा है। इससे बचने के लिए योगप्राणायाम और ध्यान आवश्यक है। व्यक्ति बाहरी भौतिक वस्तुओं से सुख प्राप्त करने की चाह रखता है। जबकि शांति का निवास हृदय के अंदर है। इस संबंध में प्रत्येक व्यक्ति को विचार करना चाहिए। हर दिन ध्यानहर दिल ध्यान के भावों को जीवन में अंगीकार करने की आवश्यकता है। कोरोना महामारी के कारण मानव सभ्यता पर अस्तित्व का संकट आ गया था। इसका समाधान योग के माध्यम से किया जा सकता है। योग महोत्सव से प्रत्येक व्यक्ति जुड़कर अपना दिन सुखमय बना सकता है।

     उन्होंने कहा कि ब्राइटर माइंड के प्रशिक्षित बच्चों की आंखों पर दोहोरी रुई से भरी हुई पट्टी बांधी गई थी। बच्चों ने स्पर्श के माध्यम से तथा सूंघकर रंग एवं कार्ड पहचाने। यह एक अद्भुत योग्यता है। मानव सबसे बुद्धिमान प्राणी है। इसकी बुद्धि की सीमा अनंत है। योग प्रशिक्षण से बुद्धि को नई ऊंचाइयों तक विकसित किया जा सकता है। बच्चों ने अपने भीतर झांककर यह योग्यता प्राप्त की है। इससे बच्चों ने बाहरी नकारात्मकता पर नियंत्रण करना सीख लिया है।

प्रत्येक कार्य को कुशलता के साथ करने का नाम योग है

     विधायक श्रीमती अनीता भदेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान का भंडार विस्तृत तथा वृहद है। योग उसका  एक भाग है। गीता के उपदेशों के अनुसार प्रत्येक कार्य को कुशलता से करना ही योग है। यह एक शारीरिक व्यायाम नहीं है। यह भारतीय जीवन पद्धति का आधार स्तंभ है। भारतीय संस्कृति की पुर्नस्थापना में श्री रामचंद्र मिशन हार्टफूलनेस संस्थान तथा श्री कमलेश पटेल दाजी लगे हुए हैं। इससे भारतीय ज्ञान का प्रकाश पूरे विश्व में फैलेगा। विश्व की अधिसंख्यक जनसंख्या की जीवन शैली योग आधारित होगी। वर्तमान जीवन शैली दुःखों का कारण है। उससे निवृत्ति कर नर को नारायण बनाने की क्षमता योग में है। योग स्वयं करने के साथ-साथ औरों को भी करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। योग करने से वंचित व्यक्ति योग महोत्सव में रविवार को सम्मिलित होकर लाभान्वित हो सकते हैं।

     उन्होंने कहा कि ब्राइटर माइंड का प्रशिक्षण प्राप्त कर बच्चों ने अपनी सुप्त इंद्रियों को जागृत किया है। योग के माध्यम से ऎसा किया जाना संभव है। आज बच्चों ने रंग पहचाननेनोटों के नंबर बताने एवं विजिटिंग कार्ड पढ़ने का कार्य भी बंद आंखों से किया। सुनने और स्पर्श करने की शक्ति का अधिक विकास होने से वे इनसे देखने का भी कार्य कर लेते हैं। इनकी योग्यता उभरकर निखर गई है।

     योग महोत्सव के आयोजन समन्वयक श्री के.के. शर्मा आईएएस (सेनि.) ने बताया कि तीन दिवसीय योग महोत्सव संस्कृति मंत्रालयश्री रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थानजिला प्रशासनपुलिस विभाग एवं नगर निगम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। योग महोत्सव में दूसरे दिन शनिवार को मोटापा तथा वजन प्रबंधन से संबंधित आसनप्राणायाम एवं मुद्राओं का अभ्यास करवाया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के योग विभाग के श्री लारा शर्मा के दल ने योग तथा आसनों के अभ्यास कराए। इनसे शरीर की अनावश्यक वसा को हटाकर स्थूल शरीर के सवार्ंग संतुलित किए जा सकते हैं। कृश काय व्यक्तियों के वजन का प्रबंधन भी वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकता है। योग इंस्ट्रक्टर श्री नितेंद्र उपाध्याय ने शंख मुद्रा और प्राणायाम का अभ्यास कराया। इनसे शरीर का ऊर्जा प्रवाह संतुलित रहता है। हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. विकास सक्सेना तथा हृदय आधारित ध्यान श्री अंकुर गहलोत ने कराया। शनिवार को पूरे दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। सायंकालीन सत्र में भी अभ्यास करवाया गया। इस दिन विभिन्न सत्रों में हजार 702 व्यक्तियों ने योगप्राणायामध्यानब्राइटर माइंड तथा पॉलेरिटी का अनुभव किया। रविवार को प्रातः कालीन सत्र सुबह बजे से आरंभ होगा। इस दिन की गतिविधियां थायराइड तथा मधुमेह डायबिटीज पर केंद्रित रहेगी।

     ब्राइटर माइंड्स प्रशिक्षक श्रीमती नेहा कपूर ने बताया कि प्रशिक्षित बच्चों ने शनिवार को भी अतिंद्रीय कार्य किए। गतिक वर्मा में सुनने की क्षमता तथा मनन को स्पर्श क्षमता को विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने भारतीय मुद्रा की पहचान की। नोटों की राशि तथा नंबर की सही पहचान करके बताई। नंदिनी मेंघानी को गणमान्य द्वारा वस्तुओं की टोकरी में से एक चीज पकड़ाई गई। उसने लिपस्टिक की पहचान कर सही रंग भी बता दिया। होनिषा पारीक को विभिन्न रंगों की एक आकार की गेंदों से भरा हुआ एक थैला पकड़ाया गया। उसमें से एक गेंद निकालकर रंग बता दिया। होनिषा में फीलिंग की क्षमता विकसित की गई है। इसी प्रकार मनन के सामने एक जैसे दिखने वाले अलग-अलग रंगों के गिलास रखे गए। उसने हाथों से स्पर्श कर समान रंग के गिलास एक दूसरे में रखे।

     उन्होंने बताया कि सुदर्शन को स्पर्श तथा सुनने का प्रशिक्षण दिया गया है। उसके समक्ष विजिटिंग कार्ड रखा गया था। बच्चे ने विजिटिंग कार्ड के रंगडॉ. प्रेमसुख सुराणा का नाम उस पर लिखा गीता में डिप्लोमा तथा स्वास्तिक के निशान की सटीक पहचान की।

     इस अवसर पर पोक्सो कोर्ट के जिला न्यायाधीश श्री बन्ना लाल जाटकेंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महा निरीक्षक श्री ए.के. सिंहअतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री गजेंद्र सिंह राठौड़आयुर्वेद विभाग के निदेशक श्री आनंद शर्माश्री जे.के. शर्माउद्यमी श्री सुगन चंद गहलोत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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