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तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान का प्रथम आहार दिवस पर मरीजों को किए फल  वितरित

तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान का प्रथम आहार दिवस पर मरीजों को किए फल वितरित

 



निवाई |  आचार्य इन्द्रनन्दी महाराज एवं क्षमानन्दी महाराज के सानिध्य में धर्म प्रभावना महिला मण्डल के तत्वावधान में अक्षय तृतीया एवं अन्नपूर्णा दिवस के पावन पर्व पर राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में फल वितरण किया गया । जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि जैन धर्म के अनुसार आदीनाथ भगवान ने दीक्षा के बाद आहार हेतु विहार किया किंतु उन्हें 6 माह तक आहार दान देने की विधि नहीं मिली, एक दिन भगवान आदीनाथ को देखकर हस्तिनापुर के राजा श्रेंयास को अपने पूर्व भव का स्मरण हो जाने से दान की विधि मालूम हो गई उन्होंने भगवान का विधिवत पडगाहन कर गन्ने के रस का प्रथम आहार दिया। उस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया थी यह दिन जैन समाज में अक्षय तृतीया के नाम से विख्यात हैं। इसलिए इसे अन्नपूर्णा दिवस एवं दान दिवस के रूप में मनाते हैं। कार्यक्रम में सुबह सभी महिलाओं ने जिनमंदिरों में भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा अर्चना कर विश्व में शान्ति की कामना क।  इस दौरान धर्म प्रभावना महिला मण्डल की महिलाओं ने शनिवार को राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में जाकर मरीजों को एवं उपस्थित लोगों को फल फ्रूट वितरण कर कुशलक्षेम पूंछी एवं मरीजों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसके साथ ही गायों को हरा चारा, गुड आदि वस्तुएं वितरित की। इस अवसर पर महिला मण्डल अध्यक्ष उर्मिला सोगानी, निशा बाकलीवाल, बीना सोगानी, कविता जैन, सुमित्रा जैन, मुन्नीदेवी सोगानी, वाटिका जैन, पिंकी सोगानी, प्रिती मोठूका, तृप्ति जैन, कुसुम सोगानी, सन्तोष जैन, विमल सोगानी, नीरज जैन, विमल जौंला, दिनेश सोगानी, सौरभ सोगानी सहित कई महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे।

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