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 हनुमान जयंती पर केंद्र की राज्यों को एडवाइजरी

हनुमान जयंती पर केंद्र की राज्यों को एडवाइजरी



माहौल बिगाड़ने वाली चीजों पर नजर रखें; कलकत्ता HC ने कहा- बंगाल सरकार केंद्र से फोर्स मांगे

नई दिल्ली | देश के कई राज्यों में रामनवमी पर हिंसा के बाद गृह मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की। मंत्रालय ने कहा कि हनुमान जयंती पर शांति बनी रहे, इसके लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखें। हर ऐसी चीज पर नजर रखें, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। हनुमान जयंती 6 अप्रैल को है।

उधर, कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी मंगलवार को बंगाल सरकार को इसी सिलसिले में निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने कहा- अगर आपके पास पुलिस कम है तो आप केंद्र से फोर्स मांगिए। और केंद्र सरकार भी तुरंत आपकी अपील पर कदम उठाए। हमें लोगों की सुरक्षा करनी है। कोर्ट ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोई भी राजनीतिक शख्सियत या कोई नेता या आम आदमी गुरुवार को मनाए जाने वाले त्योहार को लेकर जनता या मीडिया के सामने कोई बयान नहीं देगा।

कोर्ट ने राम नवमी पर हुई हिंसा का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने कहा- आप कह रहे हैं कि कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। हमारे पास कुछ जजों के खत आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके घरों के पास दंगा हो रहा है। तब क्या होगा, जब ऐसा ही माहौल कोर्ट परिसर के भीतर भी हो जाए। कुछ तो करना होगा। आप शोभायात्रा के रास्तों पर बैरिकेड्स लगाइए। पुलिस शांति मार्च निकाल सकती है ताकि लोगों को यह लगे कि वह सुरक्षित हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में शिबपुर और रिशरा में हुई हिंसा पर एक रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि हनुमान जयंती के मद्देनजर राज्य में शांति बनाए रखने के लिए वह क्या कदम उठा रही है।

रामनवमी पर बंगाल समेत 5 राज्यों में हिंसा हुई थी, 5 दिन तक तनाव रहा

30 मार्च को रामनवमी पर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हिंसा हुई थी। इसके बाद 3 दिनों तक इन राज्यों के कुछ इलाकों में तनाव बना रहा था। इन राज्यों में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए थे। सबसे ज्यादा बिहार और बंगाल प्रभावित हुआ।

बंगाल हिंसा की घटनाएं सिलसिलेवार पढ़ें...

30 मार्चः हावड़ा, उत्तरी दिनाजपुर और इस्लामपुर में शोभायात्रा के दौरान हिंसक झड़प हुई थी। यहां शोभायात्रा के दौरान दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी हुई। इसमें एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि पांच-छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने बताया था कि युवक की मौत हिंसा के दौरान हार्ट अटैक से हुई थी।

31 मार्चः हावड़ा के शिबपुर में पत्थरबाजी और आगजनी की घटना सामने आई थी। यहां एक वर्ग ने मंदिरों में तोड़फोड़ की है। इसके बाद पूरे इलाके में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया गया था। दोनों घटनाओं में 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

2 अप्रैलः रिसड़ा शोभायात्रा के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की और वाहनों में आग लगा दी। पथराव के दौरान भाजपा विधायक बिमान घोष घायल हुए। हुगली और आसपास के इलाकों में धारा 144 लगा दी गई।

3 अप्रैलः केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हावड़ा में रामनवमी पर हुई हिंसा और गिरती कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।


दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस पर रोक

दिल्ली में हनुमान जयंती से एक दिन पहले पुलिस ने जहांगीर पुरी में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने 6 अप्रैल को हनुमान जयंती पर जहांगीरपुरी इलाके में जुलूस निकालने के लिए विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य समूह को अनुमति देने से इनकार कर दिया।


रामनवमी पर हुई हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...


हावड़ा हिंसा पर अमित शाह ने राज्यपाल से बात की, महाराष्ट्र के संभाजीनगर में मंदिरों पर पथराव

बंगाल और महाराष्ट्र में रामनवमी के एक दिन बाद फिर हिंसा भड़क गई थी। उपद्रवियों ने हावड़ा और संभाजीनगर में मंदिरों पर पत्थरबाजी की थी। इससे पहले गुरुवार यानी रामनवमी को देशभर के राज्यों में हिंसा और आगजनी की खबरें भी सामने आई थीं

रामनवमी की शोभायात्रा में बिहार के पांच जिलों में हिंसक झड़प हुई थी। सबसे ज्यादा रोहतास जिले के सासाराम और नालंदा जिले के बिहारशरीफ को डिस्टर्ब किया गया था। क्या यह अचानक हुआ था? या सोची समझी साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई थी। 2 अप्रैल को पटना में हुए प्रेस कांफ्रेंस में खुद क्ळच् राजविंदर सिंह भट्‌टी ने कहा था कि बिहार को अशांत करने की साजिश रची गई थी

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