एक्सीडेंट के बाद आर्थिक संकट में परिवार
डंपर ने टक्कर मारी, दिमाग में क्लॉट जमा, डेढ़ महीने से बेड पर, पत्नी व मां का रो-रो कर बुरा हाल
कोटा | कोटा के कैथूनीपोल थाना क्षेत्र के श्रीपुरा इलाके में रहने वाले हेमंत का परिवार इन दिनों आर्थिक संकट झेल रहा है। प्राइवेट जॉब कर परिवार संभाले वाला हेमंत पिछले डेढ़ महीने से बेड पर है। किराए से कमरा लेकर मां व पत्नी उसकी देखभाल में लगी रहती है।हेमंत की हालत देखकर रोती रहती है। परिवार आर्थिक स्थिती खराब हो चुकी है। और अब मदद की गुहार लगा रहा है। दरअसल 19 मई की रात को कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में हेमंत का एक्सीडेंट हुआ था। डंपर की टक्कर से हेमंत के सिर व हाथ पर गम्भीर चोट लगी। उसे इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया। कई दिन तक आईसीयू में रखा। परिवार का कहना है कि दिमाग में 6 क्लॉट होने की वजह से ऑपरेशन नही हो सकता।
उधार लेकर इलाज करवाया
मां ऊषा ने बताया कि हेमंत बड़ा बेटा है। उसकी कमाई से ही घर खर्च चलता है। डेढ़ महीने से वो बेड पर है। उधार पैसा लेकर उसका इलाज करवाया।अब तक डेढ़ लाख रूपए लग चुके। दिमाग में गहरी चोट होने से डॉक्टर ने ऑपरेशन की मना कर दिया। उसके हाथ पैर काम नहीं करते। डॉक्टर ने 6 महीने बेड रेस्ट की कहा है। उसे हर महीने दवाइयों की जरूरत है।परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि हर महीने 10 हजार की दवाइयां खरीद सकें। हेमंत के पिता 5 हजार रूपए महीने में ठेकेदार के पास नौकरी करते हैं। छोटा भाई अब पढ़ाई छोड़ कर काम पर जाने लगा है। इधर डेढ़ महीने में भी कुन्हाड़ी पुलिस डंपर चालक का पता नहीं लगा पाई।
बेटी की पढ़ाई की चिंता
पत्नी कोमल ने बताया कि साल 2014 में उनकी शादी हुई थी। एक 8 साल की बेटी है। सेकंड क्लास में पढ़ती है। एक्सीडेंट के बाद से ही पति को होश नहीं है। मां के साथ रातभर जागकर ध्यान रखना पड़ता है। आगे के इलाज के लिए पैसे नहीं है। बेटी की पढ़ाई की भी चिंता सता रही है। कहीं से भी आर्थिक मदद नहीं मिल रही। इलाज में 6 महीने से ज्यादा भी लग सकते है। मकान का किराया भी नहीं दे पा रहे।

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