पुनर्वास ऐसी प्रक्रिया है जिससे बीमार व्यक्ति को उसके सामान्य जीवन में फिर से शामिल कर सकते है-ए. डी. पासवान
राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न
निवाई। भारतीय पुनर्वास परिषद व योगेश शैक्षिक पुनर्वास एवं शोध संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सिरतार इंस्टीट्यूट रोहतक हरियाणा के प्राचार्य डॉ. ए. डी. पासवान सानिध्य में संपन्न हुआ। संस्थान द्वारा आयोजित सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का विषय विशिष्ट अधिगम अक्षमता का निधान एवं प्रबन्ध रहा। संस्था सचिव डॉ. सीताराम स्वामी ने बताया कि यह कार्यक्रम पुनर्वास के क्षेत्र में विशेषज्ञ के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसके माध्यम से दिव्यागता के पुनर्वास के क्षेत्र में काम करने वाले पैशेवरों के ज्ञान और कौशल को अपडेट और उन्नत करता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. ए. डी. पासवान ने कहा कि पुनर्वास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य किसी बीमार व्यक्ति को उसके सामान्य जीवन में फिर से शामिल करना है पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान शारीरिक, मानसिक, भावात्मक, सामाजिक, व्यवसायिक जैसे क्षेत्रों पर विचार करना महत्वपूर्ण है कार्यक्रम के निर्देशक सीआरसी अहमदाबाद दक्ष विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार, दिशा संस्थान के सहायक प्रोफेसर सुनीलकुमार अग्रहरी, राकेश स्वामी, अरविंद कुमार टेलर ने भी अपनी प्रतिभागियों को ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि पूर्व तहसीलदार ज्ञानचंद जैन ने भी आशिष वचनों से लाभान्वित किया। कार्यक्रम में संपूर्ण राज्य से 75 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपना ज्ञान और कौशल को अपडेट और उन्नत किया। संस्था सचिव डॉ. सीताराम स्वामी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया एवं निदेशक ने सभी का आभार व्यक्त किया।


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