चातुर्मास निष्ठापन एवं पिच्छिका परिवर्तन समारोह में सहस्त्र कूट जिनालय का हुआ शुभारंभ
निवाई। सहस्त्र कूट जिनालय विज्ञा तीर्थ कमेटी के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुन्सी में गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में चातुर्मास निष्ठापन एवं पिच्छिका परिवर्तन समारोह में 108 फीट उत्तुंग कलशाकार सहस्रकूट जिनालय का शुभारम्भ हुआ। जिसमें मंगल कलश स्थापना करने का सोभाग्य सतीश जैन, नीलू जैन काला मालवीय नगर व कार्यक्रम का ध्वजारोहण करने का सौभाग्य जितेन्द्र कुमार, मेना देवी जैन जयपुर व महावीर प्रसाद छाबडा को मिला। मंगलाचरण में भजन गायक अनिल शर्मा एवं कोमल जैन ने भजनों की प्रस्तुति दी एवं जिन श्री महिला मण्डल एवं महिला मण्डल सवाईमाधोपुर ने सामूहिक नृत्य के साथ मंगलाचरण किया। समारोह में ताराचंद जैन ने दीप प्रज्वलन किया एवं चित्र अनावरण सतीश जैन, नीलू जैन ने किया। स्वर्ण शिला कमला देवी कोटा व रजत शिला रखने का सौभाग्य साधना जैन, कैलाश जैन, अनिल जैन, बसन्त कुमार जैन, अतुल काला, पवन कुमार, नरेन्द्र कुमार कासलीवाल को मिला। इसी प्रकार कलश शिला रखने का सौभाग्य रमेश जैन, रोनक जैन सराफ, मंजू देवी जैन निवाई को मिला। गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी को पिच्छीका भेंट करने का सौभाग्य विजेंदर कुमार लालकोठी वाले को एवं विक्षाश्री माताजी को पिच्छीका भेंट करने का सौभाग्य राधा निकुंज प्रमिला विपुल पाटनी एवं कमंडल भेंट करने का सौभाग्य कंवर पाल नेहरू नगर जयपुर को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य जगदीश नारायण, कौशल जैन, वस्त्र भेंट करने का सुलोचना देवी नला एवं देवली के नरेश कुमार, बबीता जैन को मिला। पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य विवेक विहार जैन समाज को मिला। समारोह में पण्डित विमल बनेठा एवं पण्डित अजीत शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ सहस्त्रकूट जिनालय की स्थापना करवाई गई। समारोह में सांसद सुखबीरसिंह जौनपुरिया एवं जिला प्रमुख सरोज बंसल ने माताजी के समक्ष श्री फल भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान सांसद सुखबीरसिंह जौनपुरिया एवं जिला प्रमुख सरोज बंसल का कमेटी द्वारा राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत किया। इस अवसर पर अनिल जैन, महावीरप्रसाद पराणा, विमल जौंला, नरेश बनेठा, जीवराज जैन गोहाटी, प्रकाश जैन, दीपक लुहाडिया, सुनील भाणजा, संजय सोगानी, जैन गजट के संवाददाता राजाबाबू गोधा, विमल सोगानी, शुभम जैन, विनोद कुमार बाकलीवाल चकवाडा व महावीर प्रसाद झंडा सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।


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