किसानों को मिले कृषि योजनाओं का लाभ- रविकांत सिंह
समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
निवाई। वनस्थली विद्यापीठ के कृषि विज्ञान केन्द्र पर आत्मा टोंक द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य अतिथि उपखण्ड़ अधिकारी रविकान्त सिंह ने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा प्रायोजित सभी कृषि योजनाओं का लाभ समय पर लेना चाहिये एवं कृषि विज्ञान केन्द्र पर उपस्थित तकनीकी प्रदर्शनी को देखकर अपनी खेती को सुधारें। केन्द्र के प्रभारी शस्य विज्ञान बंशीधर चौधरी ने बताया कि समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल बदलती खेती में किसानों को अधिक आमदनी के लिए निश्चित भू-भाग पर कृषि से जुड़ी सभी आय सृजित कार्यो का समावेश करें। जिसमें किसान मुख्यत: बीज उत्पादन, पशु पालन, बागवानी तथा मधुमक्खी पालन जैसी इकाईयों को बढ़ावा दें और अधिक लाभ कमायें। प्रशिक्षण संयोजक नरेशकुमार अग्रवाल ने बताया कि खेती की लागत को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती के आयामों का उपयोग करना चाहिए। कृषि में बदलते परिवेश पर डॉ. प्रीती वर्मा ने किसानों को अपने बेहतर स्वास्थय व आमदनी के लिए श्रीअन्न अनाजों की खेती करने पर जोर दिया। आत्मा परियोजना निदेशक दिनेशकुमार बैरवा ने भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा आत्मा की कृषि योजनाओं व पुरस्कार के लिए विभिन्न श्रेणियों में आवेदन की विभिन्न विषयों के बारे में बताया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार उपनिदेशक उघान विज्ञान एवं कृषि अधिकारियों नें भाग लिया। प्रशिक्षण को रोचक करने के लिए प्रशिक्षण में प्रश्नोतरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में उपस्थित किसानों में श्रेष्ठ अंको वाले किसानों में तीन किसानों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कारों का चयन किया गया। प्रशिक्षण में 30 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर विनीतकुमार द्विवेदी, मिथिलेश्वर नाथ उपाध्याय तथा रामनारायण गुर्जर ने भी तकनीकी सहयोग दिया।

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