अयोध्या में श्रीराम की प्रतिष्ठा तो जयकिशनपुरा में हुई श्री राम पुस्तकालय की स्थापना
बालिकाओं के लिए शुरू हुआ नि:शुल्क पुस्तकालय
पीपलू। अयोध्या में श्री रामलला की जिस मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठापना हुई, उसी मुहूर्त में जयकिशनपुरा में भी बालिकाओं के लिए नि:शुल्क पुस्तकालय श्रीराम पुस्तकालय की शुरुआत विधिवत पूजा अर्चना के साथ हुई। इसकी शुरुआत से अब बालिकाओं को अपने गांव में ही शांत वातावरण में पढऩे की सुविधा मिल सकेगी। गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के नवाचारी शिक्षक दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि आज के समय में किसी गांव में लाइब्रेरी का होना उस गांव की तरक्की में बड़ा सहायक है। शिक्षा में आगे बढऩे के लिए गांव, मौहल्ले, घर में एक अध्ययन केंद्र अवश्य होना चाहिए। ऐसे में जयकिशनपुरा गांव में श्री राम पुस्तकालय की शुरुआत की गई है। जिसमें बालिकाओं के लिए नि:शुल्क रीडिंग कॉर्नर बनाया गया है, जिससे बालिकाएं यहां शांत वातावरण में पढ़ सकेंगी।
प्रयासों को मिली सफलता
दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि वह लंबे समय से गांव में पुस्तकालय शुरुआत को लेकर प्रयास कर रहे थे, जो प्रयास गांव के युवा विष्णु शर्मा के सहयोग से अब पूरा हुआ है। आगे भी अन्य मौहल्ले में ऐसे रीडिंग कॉर्नर स्थापित करने का प्रयास करेंगे। जिससे गांव के प्रत्येक परिवार के प्रत्येक विद्यार्थी में शिक्षण की रुचि बनें। विद्यालय से घर आने के बाद भी उसका किताबे पढऩेए किताबों से बाते करने का मन बन सकें।
इनका रहा योगदान
पुस्तकालय संचालन के लिए भामाशाह पीपलू निवासी रामबाबू, माया, दिनकर, पूजा, दीपान्वी, नित्यांश, रवि विजयवर्गीय ने फर्नीचर, कुर्सी का सहयोग किया है। वहीं जयकिशनपुरा निवासी प्रहलाद, बदाम देवी, विष्णु, लाली देवी, पूजा, धर्मराज, शिवराज शर्मा ने अपना एक कमरा इसको स्थापित करने के लिए उपलब्ध करवाया और उसका रंगरोगन, बिजली कनेक्शन एवं फिटिंगए फर्नीचर फिटिंगए कारपेट एवं अन्य खर्च उनके द्वारा किए गए है। विष्णु शर्मा ने बताया कि धीरे धीरे इसमें वाईफाई, डिजिटल लाइब्रेरी आदि अन्य सुविधा भी शामिल की जाएगी।
प्रत्येक मौहल्ले में रीडिंग कॉर्नर बनाने का प्रयास
विद्यालय के प्रधानाध्यापक हेमराज माली, शिक्षक मोहन लाल, मोरपाल गुर्जर, शंकरलाल मीणा, रायसिंह, कन्हैया शर्मा, निरमा चौधरी, घनश्याम लक्षकार, दिनकर विजयवर्गीय, शारीरिक शिक्षक अंकित ने बताया कि विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी करने, पढऩे के लिए शांत वातावरण चाहते है। जिससे पढ़ाई अच्छे से कर सकें। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि विद्यार्थियों को शांत वातावरण नहीं मिल पाता है तो वह पढ़ नहीं पाते है। वहीं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अन्य शहर की लाइब्रेरी में पढऩे के लिए जाते हैए तो उन्हें कई परेशानी होती है। ऐसे में इस तरह के रीडिंग कॉर्नर गांव के प्रत्येक मौहल्ले में विद्यालय की टीम बनाने के प्रयास कर रही है। विद्यालय टीम का प्रयास है कि वह यहां के बच्चों को गांव में ही उच्च शिक्षा से जुड़ी सभी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करवाएं। उन्हें बाहर जाने को विवश नहीं होना पड़े।

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