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कारसेवक बोले रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लेने पर उत्साह था, अब प्राण प्रतिष्ठा होने पर हर्षोल्लास है

कारसेवक बोले रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लेने पर उत्साह था, अब प्राण प्रतिष्ठा होने पर हर्षोल्लास है

 

पीपलू। अयोध्या के साथ ही श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का जश्न उत्साह के साथ मनाया गया। कस्बे के श्रीचारभुजानाथ मंदिर में एलईडी के माध्यम से सभी रामभक्तों को अयोध्या में चल रही प्राण प्रतिष्ठा का सीधा लाइव प्रसारण दिखाया गया। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही लाइव प्रसारण में जैसे ही प्रभू श्रीराम की झलक भक्तों को देखने को मिलती तो पूरा मंदिर परिसर श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता था। इस अवसर पर वर्ष 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन की कारसेवा में गए मंदिर पुजारी दामोदर पाराशर, अशोक सिंघल, रामबाबू विजयवर्गीय, सत्यनारायण आचार्य, रामअवतार बलाई वर्ष 1992 में कारसेवा में गए पूर्व सरपंच प्रेमचंद जैन, रामअवतार बलाई, महावीर जैन मेडिकल, केदार शर्मा, रामजीलाल चंदेल, हरिशंकर बलाई, कजोड़ नायक का माला व साफा पहनाते हुए भगवान श्रीराम की तस्वीर भेंट करके सम्मान किया गया। इस दौरान कारसेवकों की आंखों से खुशी की आंसू छलक पड़े। कारसेवक प्रेमचंद जैन, कजोड़ नायक ने तो सम्मान से पहले सनातन धर्म की जय हो, जय श्री राम के जयकारें लगाते हुए अपने संघर्षों की गाथा सुनाई। कारसेवक रामबाबू विजयवर्गीय, अशोक सिंघल ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में रामलला विराजमान हो चुके हैं, अयोध्या के राजा भगवान श्रीराम अब टाट बाट से भव्य मंदिर में आने की खुशी है। इन खुशियों के पीछे वर्ष 1990 व 1992 में सभी कारसेवकों का जो संघर्ष रहा हैए वह कभी नहीं भूलने वाला है। कारसेवक आज अपने भगवान को महल में बैठा देख पाए है, इस बात की खुशी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में हिन्दू जनमानस को चैलेंज किया था कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। इसके बावजूद कारसेवक जैसे-तैसे अयोध्या पहुंचे थे। कारसेवक निहत्थे थे, कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थी। जिससे सरयू का पानी भी लाल हो गया था। कई कारसेवक शहीद हो गए थे। आज हम जीवित है तो यह पल देख पाए हैं। साथ ही अब जाकर रामलला प्राण प्रतिष्ठा से मन बहुत खुश हुआ है। वहीं गोवर्धन सोनी ने कारसेवकों पर लिखी कई कविता मंदिर बनाने के लिए जिसने लिया था प्रण, ऐसे कारसेवकों की उतारें हम आरती, जिसने बहादुर राम भक्तों को जन्म दिया, उन कौशल्या मांओं की उतारे हम आरती की प्रस्तुति दी। सभी भक्तों को श्रद्धालु खेमसिंह की ओर से लड्डू मिठाई का वितरण किया गया। जिस पर सभी श्रोताओं ने तालियां बजाई। इस दौरान कई भक्तगण मौजूद रहे।

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