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खेल' अनुशासन सीखने का सशक्त माध्यम-बाबूलाल शर्मा

खेल' अनुशासन सीखने का सशक्त माध्यम-बाबूलाल शर्मा




टोंक। सैंट सोल्जर महिला महाविद्यालय में आज राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत खेलकूद प्रतियोगिताएं संपन्न हुई।महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. प्रिया सक्सेना ने बताया कि आज NSS के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयं सेविकाओं के बीच खेलकूद प्रतियोगिताओं के अन्तर्गत सामान्य दौड़, तीन टाँग दौड़, कबड्डी, रस्साकशी आदि प्रतियोगिताएँ संपन्न हुई।खेल प्रतियोगिता का प्रारम्भ महाविद्यालय निदेशक बाबूलाल शर्मा तथा प्रबंध निदेशक हितेश शर्मा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर किया। अपने उद्बोधन में निदेशक बाबूलाल शर्मा ने कहा कि खेलों से जीवन में सकारात्मकता व अनुशासन की भावना पैदा होती है। अपने सम्बोधन में प्रबन्ध निदेशक हितेश शर्मा ने कहा कि आपको खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए। जीत-हार जीवन का अंग है। उसे स्वंय पर हावी ना होने दें।राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी अवधेश पारीक ने आगे के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि कल मकर संक्रांति पर चोटिल हुए पक्षियों की सेवार्थ राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वंय सेविकाएँ घर से तथा महाविद्यालय मे तत्परता से कार्य करेंगी।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वंय सेविकाओं सहित राघवेंद्र सिंह नामा, शिप्रा सक्सेना, आकांक्षा शर्मा, अमित रणवाल, हरिशंकर शर्मा, राजेश कुमार पटवा, अरुण गर्ग, हरिओम शर्मा जेबा, नाजिया खान, प्रेरणा चौरासिया, मोहम्मद जुबेर, निकेता तिवारी, आएशा सि‌द्दिका, शादमा परवीन, जीना सबिहा, नितिश शर्मा, गणेश चन्द सैनी, अजरा परवीन आदि व्याख्यातागण उपस्थित रहे।

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