स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए डेटा संग्रह की महत्पूर्ण योजना,
इसके कार्य में गति लाएं -शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज
जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने स्वामित्व योजना को प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की विकास योजना बनाने के लिए डेटा संग्रह हेतु एक महत्वपूर्ण योजना बताते हुए इसके अन्तर्गत सर्वे एवं अन्य कार्य में गति लाने के निर्देश दिए हैं। श्री जैन ने मंगलवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिलों में इसके क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विस्तृत विचार विमर्श और शंका समाधान सत्र में यह निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने जिलों के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं स्वामित्व योजना के नोडल अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वयन में प्लानिंग की कमी, लापरवाही और काम को टालने की प्रवृति के कारण ड्रोन सर्वे और योजना के नक्शा निर्माण, नक्शा सुधार एवं अन्य विभिन्न चरणों की प्रगति में बाधा नही आनी चाहिए। उन्होंने जिला टीमों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर मुख्यालय सम्पर्क कर निर्देश प्राप्त करें और स्थानीय स्तर पर उच्चाधिकारियों के सहयोग से कार्य पूरा करें।
स्वामित्व योजना के सम्बन्घ में यह प्रशिक्षण पंचायती राज विभाग एवं भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा दिया गया। उल्लेखनीय है कि स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अब तक 25 जिलों के 14500 से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राज्य में वर्तमान में 21 जिलों (जयपुर, जोधपुर, पाली, टोंक. अजमेर, जालोर, बांसवाडा, प्रतापगढ़, सिरोही, हनुमानगढ़, डूंगरपुर, झुन्झुनूं नागौर, बारां, बीकानेर, राजसमंद सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर व चुरू) में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य प्रगतिरत है। वहीं दौसा व बून्दी जिलों में ड्रोन सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो गया है और नक्शों का कार्य अभी जारी है। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अब तक राज्य में कुल 792 गांवों में 29287 प्रोपर्टी कार्ड्स वितरित किये जा चुके हैं।

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