भारत-अमेरिका की वायुसेना का युद्धाभ्यास शुरू
कलाईकुंडा और आगरा एयरबेस पर होंगे ’कोप इंडिया 23’ के वॉर गेम्स, जापान भी होगा शामिल
विदेश | चीन से अरूणाचल प्रदेश में बढ़ते विवाद के बीच भारत और अमेरिका की वायुसेना ने सोमवार को युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। ये पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा और उत्तर प्रदेश के आगरा एयर बेस पर हो रहा है। इसे ’कोप इंडिया 23’ नाम दिया गया है।
सरकार की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक पहले फेज के युद्धाभ्यास में एयर मोबिलिटी, ट्रांसपोर्ट एयक्राफ्ट पर फोकस रहेगा। दोनों तरफ से ब्-130श्र और ब्-17 एयटरक्राफ्ट तैनात किए जाएंगे। अमेरिका की वायुसेना डब्-130श्र एयरक्राफ्ट भी तैनात करेगी।
कोरोना की वजह से चार साल बाद हो रहा युद्धाभ्यास
भारत और अमेरिका के बीच ये युद्धाभ्यास चार साल के गैप के बाद हो रहा है। इसमें जापान भी हिस्सा ले रहा है। ये युद्धाभ्यास उस समय हो रहा है जब पिछले दिनों चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों के नाम बदल दिए थे। भारत ने चीन के इस पर पलटवार करते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का था है और रहेगा। दोनों देशों की वायुसेना के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सर्साइज आखिरी बार 2019 में हुई थी।
भारत और अमेरिका की तरफ से तैनात किए जाने वाले विमान
su-30डज्ञप् फाइटर एयरक्राफ्ट- भारत
LCA तेजस- भारत
il-78 मिड एयर रिफ्यूलर- भारत
एयरबोर्न वॉर्निंग एयक्राफ्ट - भारत
थ्-15 फाइटर एयरक्राफ्ट- अमेरिका
चीन से निपटने के लिए अमेरिकी सेना की पैसिफिक कमांड भारत से कोर्डिनेट करती है। हाल ही के दिनों में अमेरिका ने भारत से सैन्य संबंध मजबूत करने की कोशिश की है। हथियार खरीदने के मामले में अमेरिका लगातार भारत की रूस पर निर्भरता को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
27 साल में पहली बार अमेरिका ने बड़ी डेलीगेशन भारत भेजी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 27 साल के इतिहास में भारत के एयरो इंडिया शो के लिए अमेरिका ने फरवरी में अपने सबसे ज्यादा डेलीगेट्स भेजे। जिससे पता चलता है कि अमेरिका के लिए भारत कितना अहम होता जा रहा है।
जबकि इस दौरान रूस के काफी कम डेलीगेट्स ही भारत आए। जबकि पहले ऐसा नहीं होता था, रूसी एक्सपोर्टर रोसोबोरोना एक्सपोर्ट एयरो शो में सेंटर स्टेज पर रहता था। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका भारत को थ्-35 फाइटर जेट से रिझाने की कोशिश कर रहा है।
थ्-35 के जरिए भारत को अहम बताने की कोशिश
एयर फोर्स के सोर्स के मुताबिक भारत फिलहाल के लिए थ्-35 खरीदने पर विचार नहीं कर रहा है। वहीं डिफेंस एनालिस्ट अंगद सिंह ने बताया कि अमेरिका थ्-35 जेट बेचने के लिए नहीं बल्कि इसके जरिए भारत को उसकी अहमियत दिखाने के लिए इन्हें एयरो इंडिया में लेकर आया है।
न्ै आसानी से किसी देश को थ्-35 जेट नहीं देता है। वहीं जब अमेरिकी दूतावास में रियर एडमिरल माइकल एल बेकर से पूछा गया कि क्या वो ये फाइटर जेट भारत को ऑफर करेंगे? तो इस पर उन्होंने कहा कि भारत ये इन्हें खरीदने के विचार के शुरूआती स्टेज पर है।

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