बचपन के साथ मिले पचपन के बाद, देखते ही ताजा हुई सहपाठियों से जुड़ी यादें
मंगलवार, 11 अप्रैल 2023
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सेवासदन विद्यालय दसवीं कक्षा के 1980 बैच का प्रथम एल्युमिनी मीट आयोजन
भीलवाड़ा,। वर्षो बाद सहपाठियों से मिले तो चेहरे खिल गए और कुछ समय के लिए दशकों पुरानी यादों में खो गए। अभी उम्र 55 वर्ष से अधिक की हो चुकी थी लेकिन वर्ष 1980 में कक्षा 10 में साथ पढ़े सहपाठियों से मुलाकात हुई तो यादे किशोरावस्था की ताजा हो गई थी। आज कोई डॉक्टर, इंजीनियर तो कोई सीए, लेक्चरर तो कोई सफल बिजनेसमैन बन समाज में अपनी पहचान कायम कर चुके थे लेकिन बचपन के दोस्तों को देखते ही अपने वर्तमान स्टेट्स को भूल किशोरावस्था की यादों का स्मरण करते हुए भावनाओं के सागर से लबरेज हो गए। यह माहौल भीलवाड़ा के सेवासदन विद्यालय के कक्षा 10 के 1980 के बैच के प्रथम एल्युमिनी मीट के दौरान नजर आया। आयोजन हरणी महादेव रोड स्थित पाम रिसोर्ट में किया गया था। वर्ष 1969-70 में स्थापित सेवा सदन विद्यालय में बालवाड़ी (नर्सरी) से पांचवी, आठवी, दसवीं या आगे कॉलेज तक साथ पढ़े सहपाठी बाद में पारिवारिक, व्यवसायिक व सर्विस संबंधी जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो गए कि गत 40-45 वर्षो से दोस्तों से मिले ही नहीं थे। पुराने सहपाठी आपसे में मिले और निजी संबंध मजबूत हो इसी उद्ेश्य से आयोजित एल्युमिनी मीट में वर्षो बाद एक-दूसरे से मिलने वाले कई सहपाठी भावुक भी दिखे और मन के भाव शब्दों से बयां भी नहीं कर पा रहे थे बस उनके चेहरे बता रहे थे कि वह किस असीम आनंद का अनुभव कर रहे है। बरसों बाद मिले मित्र एक-दूसरे के गले लगने के साथ आपस में परिवारों के हालचाल भी पूछते रहे। उस समय सेवासदन विद्यालय के प्राचार्य रहे 85 वर्षीय शंकरलाल काबरा, पुष्पा दीदी आदि को भी आयोजन में आमंत्रित किया गया था। आयोजन में विद्यालय परिवार के अतुल सोमानी का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। आयोजन के दौरान परिचय सभा के साथ गीत, संगीत व नृत्य का लुत्फ भी उठाया गया। सहपाठियों ने नेट कवर्ड ग्राउण्ड में क्रिकेट खेलने का आनंद भी लिया। अगली बार पुनः जल्द मुलाकात के संकल्प के साथ एल्युमिनी मीट का समापन हुआ।
*पढ़ाने वाले शिक्षकों ने देश-विदेश में अर्जित की ख्याति*
सेवासदन विद्यालय के 1980 के कक्षा 10 बैच के प्रथम एल्युमिनी मीट में उस समय शिक्षक रहे कई ऐसे चेहरे भी थे जिन्होंने अपने श्रेष्ठ कार्यों से देश-विदेश तक पहचान कायम करने के साथ विद्यालय का भी गौरव बढ़ाया है। इनमें 88 वर्षीय श्री काशीलालजी भी शामिल थे 6 विषयों में अधिस्नातक होने एवं 27 देशों की यात्रा करने के साथ वर्तमान में भी साइकिल की सवारी कर सेहतमंद है। इसी तरह 88 वर्षीय शिक्षक जगदीश जोशी के प्रति भी भावनाएं उमड़ी। दस हजार पुस्तकों का संग्रह करने के साथ शिक्षक की अमरीका यात्रा नामक पुस्तक क लेखक जगदीश जोशी के पुत्र श्री हिरेन जोशी वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव पद पर कार्यरत है।

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