मोदी का कांग्रेस को 6 तरफ से घेरने का प्लान
बीजेपी नेताओं को भी नसीहत- मतभेद भुलाकर जुट जाएं; गहलोत की फ्री-स्कीम्स पर अलग रणनीति
जयपुर | जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में कांग्रेस पर हमले तीखे होते जा रहे हैं। बीकानेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण पूरी तरह से विधानसभा चुनाव पर केंद्रित रहा।
अपने भाषण के जरिए मोदी ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का रोडमैप तो खींच ही दिया है, साथ ही राहुल गांधी के ’मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर सीधा पलटवार करते हुए कांग्रेस को झूठ का बाजार, लूट की दुकान बताते हुए यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस के हर कैंपेन का भाजपा इसी तरह जवाब देगी।
इस बार मोदी ने अपने भाषण में बीकानेर के लोकल मुद्दों को छूकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को कनेक्ट करने की कोशिश की। दरअसल, मोदी के इस दौरे ने भाजपा के लिए चुनावी लाइन तय कर दी है। वो लाइन और मुद्दे क्या हैं और भाजपा नेताओं को मोदी ने क्या नसीहत दी है, भाजपा यह विधानसभा चुनाव कैसे लड़ेगी, इस दौरे से कौन से 5 मैसेज मोदी ने दिए हैं...इन सभी सवालों के जवाब पढ़िए इस स्पेशल रिपोर्ट में...
1. विकास चाहिए तो स्थिर व डबल इंजन की सरकार बनानी होगी
पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा- विकास तभी संभव है। जब देश व प्रदेश में एक सरकार हो। जहां भी देश में डबल इंजन की सरकार है। वहां विकास हो रहा है, लेकिन पिछले चार साल में राजस्थान में हालात उलट रहे हैं। हम दिल्ली से योजनाएं राजस्थान भेजते हैं। कांग्रेस का पंजा झपट्टा मार देता है। पानी की सबसे ज्यादा समस्या झेलने वाले राजस्थान में जल जीवन मिशन का सबसे खराब काम हुआ है।
मैसेज- मोदी ने प्रदेश की जनता को यह मैसेज दे दिया है कि अगर आप प्रदेश में विकास चाहते हैं तो आपको भाजपा की सरकार बनानी होगी, क्योंकि केन्द्र सरकार कितना भी चाह ले, अकेले के दम पर प्रदेश का विकास नहीं कर सकती है। भाजपा यह मॉडल उत्तर प्रदेश में भी अपना चुकी है और वहां उसे सफलता हाथ लगी थी।
वहीं, अंदरूनी गुटबाजी पर इस तरह से तंज कसना साफ है कि पीएम मोदी चुनाव में भी यह नरेटिव बनाए रखना चाहते हैं कि कांग्रेस गुटबाजी में उलझी हुई है।
वह प्रदेश का विकास नहीं कर सकती है। पीएम मोदी प्रदेश की जनता को यह मैसेज देकर गए हैं कि जिस पार्टी के अंदरूनी झगड़े समाप्त नहीं हो रहे। वह किसी भी हाल में भाजपा से बेहतर विकल्प नहीं हो सकती है। भाजपा ही प्रदेश में स्थिर और मजबूत सरकार दे सकती है।
2. भ्रष्टाचार, पेपर लीक, रेप और कर्ज माफी की चर्चा कर सियासी लाइन सेट की
भ्रष्टाचार- पीएम मोदी ने गहलोत सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने आजकल भ्रष्टाचार में भी रिकॉर्ड बनाया है। अगर भ्रष्टाचार की रैंकिंग होती तो राजस्थान उसमें भी नम्बर-1 आता।
पेपर लीक- मोदी ने युवाओं को साधने की कोशिश की। पीएम मोदी ने कहा कि आजकल राजस्थान में पेपर लीक की अलग इंडस्ट्री खुल गई है। प्रदेश में 17 बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। खुलेआम युवाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
रेप- पीएम मोदी ने कहा- महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और रेप में राजस्थान नम्बर-1 है। हालात ये हैं कि यहां रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं। वहीं दुर्भाग्य यह है कि बलात्कार व हत्या के आरोपियों को बचाने में पूरी सरकार जुटी हुई नजर आती है। अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए हमारी बेटियों पर नजर डालने वालों को कांग्रेस संरक्षण दे रही है।
कर्ज माफी- किसानों के कर्ज माफी की बात करते हुए कहा- पिछले चुनावों में इनके नेता ने कहा था कि 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा। मोदी ने कहा- 10 दिन, 10 माह और अब 4 साल। किसानों का कर्ज माफ हुआ क्या। किसानों को कुछ मिला क्या?
मैसेज- मोदी ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार, रेप, पेपर लीक और कर्ज माफी की बात करके प्रदेश के आमजन, महिलाओं, युवाओं और किसानों को साधने के साथ ही प्रदेश भाजपा के लिए चुनावों की सियासी लाइन भी सेट कर दी।
पीएम मोदी ने अपने भाषण से यह साफ कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर यही मुद्दे बीजेपी की सत्ता में वापसी करवा सकते हैं। ऐसे में प्रदेश भाजपा को इन पर फोकस करना है। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश बीजेपी पहले से भी कांग्रेस सरकार पर हमलावर है।
पीएम मोदी ने इन मुद्दों का जिक्र करके प्रदेश के आमजन, महिलाओं, युवाओं और किसानों को साधने की कोशिश भी की है। ये वह वोट बैंक है, जो पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गया था। लेकिन, इस बार बीजेपी इसे किसी भी हाल में छिटकना नहीं चाहती है। वहीं, इनसे जुड़े मुद्दों पर फिलहाल कांग्रेस बैकफुट पर है। आने वाले चुनावों में भ्रष्टाचार भी बीजेपी का प्रमुख मुद्दा रहेगा। जिस भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता में वापसी की थी, उसी मुद्दे को अब बीजेपी राजस्थान में भुनाएगी।
3. गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं पर भी आक्रामक रवैया
पीएम मोदी ने अजमेर के बाद एक बार फिर गहलोत सरकार की योजनाओं पर निशाना साधा। इस बार उन्होंने गहलोत की योजनाओं को झूठ का पिटारा कहा। पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों जो बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। वो लूट के इरादे व लूट के पिटारे के सिवाय कुछ नहीं हैं।
मैसेज- पीएम मोदी ने साफ मैसेज दिया कि चुनावी साल में आईं गहलोत सरकार की योजनाओं पर भी भाजपा आक्रामक रहेगी और इनकी कमियों को जनता के सामने रखकर योजनाओं को झूठा साबित करेगी।
मोदी ने कांग्रेस का मतलब लूट की दुकान, झूठ का बाजार बताया। इसे भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राजस्थान की सभा में राहुल गांधी द्वारा दिए गए मोहब्बत की दुकान खोलने वाले बयान पर पलटवार के तौर पर भी देखा जा रहा है। मोदी ने पहली बार राहुल के इस नारे पर पलटवार किया है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने पहली बार राजस्थान में ही ’नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने’ वाला नारा दिया था। इसी सभा में गहलोत ने प्रदेश में 500 रुपए में सिलेंडर देने की घोषणा भी की थी।
4. परिवारवाद बनाम विकासवाद
अपने भाषण में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी व्यक्तिगत निशाना साधा। मोदी ने कहा- सीएम गहलोत अपने बेटे का भविष्य बचाने में लगे हुए हैं। उन्हें प्रदेश के बेटे-बेटियों से कोई मतलब नहीं है। इसे लेकर कई मंत्री भी उन पर खार खाए हुए हैं। उन्होंने कहा- अब प्रदेश में परिवारवाद नहीं विकासवाद चलेगा।
मैसेज- इन चुनावों में भाजपा कांग्रेस नेताओं के बेटे-बेटियों के भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों को मुद्दा बनाएगी। इसकी शुरुआत सांसद किरोड़ी लाल मीणा वैभव गहलोत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर कर पहले ही कर चुके हैं। अब आगे भी इस मामले को खींचा जाएगा।
5. भाषण के अंत में प्रदेश के नेताओं को नसीहत
पीएम मोदी के भाषण की पांचवीं व सबसे महत्वपूर्ण बात प्रदेश भाजपा के नेताओं को लेकर थी। पीएम मोदी ने भाषण के अंत में प्रदेश के नेताओं को नसीहत दी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनाने के लिए अभी से तैयारी में जुट जाना है। जीत तय मानकर मेहनत में कमी नहीं करनी है। दूसरे की कमजोरी पर नहीं, अपने परिश्रम पर भरोसा करना है।
मैसेज- कार्यकर्ताओं के जरिए पीएम मोदी ने मंच पर बैठे नेताओं को भी संदेश दिया कि वे प्रदेश में सरकार लाने के लिए कोई कमी नहीं छोड़े। आपसी मतभेद भुला कर अभी से तैयारी में जुट जाएं। कांग्रेस की कमियों पर वार करें। वहीं, बीजेपी की ताकत यानी बीजेपी के एजेंडा पर फोकस करके चुनाव लड़ें।
6. स्थानीय मुद्दों को भी नहीं छोड़ेगी बीजेपी
आमतौर पर प्रधानमंत्री जहां जाते हैं, उस इलाके में स्थित प्रसिद्ध मंदिरों, लोक देवताओं और खान-पान का जिक्र जरूर करते हैं, लेकिन बीकानेर का भाषण इस मामलों में भी कुछ अलग था। मोदी ने अपने भाषण में इन सबका जिक्र तो किया ही, लेकिन स्थानीय विधायक और शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के बंगला छोड़ने पर भी तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों ने पहले ही हार मान ली है। वहीं, बीते दिनों खाजूवाला में पुलिसवालों पर लगे रेप के आरोप का मुद्दा भी उन्होंने उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री ही उन्हें बचाने में लगे हुए हैं।
मायने: मोदी के भाषण से साफ है कि भाजपा स्थानीय मुद्दों को लेकर भी मुरव्वत बरतने के मूड में नहीं है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व जहां जाएगा, उस इलाके के लोकल मुद्दों पर भी कांग्रेस पर हमला बोला जाएगा, ताकि कांग्रेस को हर मामले में बैकफुट पर रखा जा सके। पिछले दिनों अमित शाह ने भी उदयपुर दौरे में कन्हैयालाल हत्याकांड का जिक्र करते हुए इसके संकेत दिए थे।

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