निवाई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने तीसरी बार निर्वतमान विधायक प्रशांत बैरवा में जताया विश्वास,
गुरुवार, 2 नवंबर 2023
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आम आदमी पार्टी ने महेश बैरवा पराणा व राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक पार्टी ने
प्रहलाद नारायण बैरवा को उतारा मैदान में
भाजपा का प्रत्याशी अभी तक नहीं हुआ तय
निवाई | निवाई विधानसभा सीट से कांग्रेस ने एक बार फिर निवर्तमान विधायक प्रशांत बैरवा में विश्वास जताते हुए तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। विधायक प्रशांत बैरवा वर्ष 2013 में भी कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी थे।![]() |
| कांग्रेस प्रत्याशी प्रशांत बैरवा। |
जबकि भाजपा ने खटीक, बलाई, बैरवा व रैगर समाज के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। विधानसभा क्षेत्र में गुर्जर व बैरवा जाति का बाहुल्य है। इसके अलावा रैगर, धोबी, बलाई, खटीक, राजपूत, ब्राह्मण, महाजन, मुस्लिम, माली व जाट सहित ओबीसी वर्ग के मतदाता हैं। विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग में बैरवा मतदाताओं का बाहुल्य होने के साथ ही इसी वर्ग में रैगर जाति के मतदाता दूसरे नम्बर है। प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस ने हमेशा अनुसूचित जाति के एक ही वर्ग बैरवा जाति से ही उम्मीदवार बनाया है। विधानसभा चुनाव के इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 1972 में कांग्रेस के बनवारीलाल बैरवा, 1977 में जनता पार्टी के जयनारायण सालोदिया,1980 में कांग्रेस के द्वारकाप्रसाद बैरवा, 1985 में भाजपा के ग्यारसीलाल परिडवाल, 1990 में भाजपा के रामनारायण बैरवा, 1991 में भाजपा के कैलाश मेघवाल, 1993 में कांग्रेस के बनवारीलाल बैरवा, 1998 में कांग्रेस के बनवारीलाल बैरवा ने भाजपा के जगदीश बैरवा को हराकर लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर कांग्रेस सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। 2003 में भाजपा के हीरालाल रैगर, 2008 में त्रिकोणीय संघर्ष रहा जिसमें कांग्रेस के बनवारीलाल बैरवा के भतीजे कमल बैरवा ने भाजपा के सतीश चंदेल व निर्दलीय उम्मीदवार द्वारकाप्रसाद बैरवा को हराकर चुनाव जीते। इसी प्रकार वर्ष 2013 में भाजपा के हीरालाल रेगर ने कांग्रेस के प्रशांत बैरवा को व वर्ष 2018 में कांग्रेस के प्रशांत बैरवा ने भाजपा के रामसहाय वर्मा को हराकर विधायक बने हैं।



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