Shabnam Ayodhya Yatra: पीठ पर केसरिया ध्वज, मुख पर जय श्री राम... मुंबई से अयोध्या के लिए पैदल ही निकल पड़ी ये मुस्लिम लड़की
शबनम अपने दोस्तों- रमन राज शर्मा और विनीत पांडे के साथ अयोध्या यात्रा पर निकली हैं उसका मकसद रामलला का दर्शन करना है। मुस्लिम होने के बावजूद शबनम की भगवान राम के प्रति अटूट आस्था है। यही वजह है जिसने शबनम को राम जन्मभूमि जाने के लिए प्रेरित किया है। इस यात्रा के पीछे क्या उद्देश्य है इस पर शबनम कहती हैं कि भगवान राम तो सबके हैं।
नई दिल्ली। मुस्लिम लड़की के कंधे पर केसरिया ध्वज, मुख पर राम नाम की ध्वनि और मुंबई से अयोध्या तक की पैदल यात्रा। ये सब सुनकर कई लोग चौंक जाएंगे कि क्या कोई मुस्लिम लड़की ऐसा कर सकती है, इसका जवाब है हां। मुंबई की रहने वाली शबनम अयोध्या तक की पैदल यात्रा पर निकली है।
शबनम अपने दोस्तों- रमन राज शर्मा और विनीत पांडे के साथ अयोध्या यात्रा पर निकली हैं उसका मकसद रामलला का दर्शन करना है। मुस्लिम होने के बावजूद शबनम की भगवान राम के प्रति अटूट आस्था है। यही वजह है जिसने शबनम को राम जन्मभूमि जाने के लिए प्रेरित किया है। इस यात्रा के पीछे क्या उद्देश्य है इस पर शबनम कहती हैं कि भगवान राम तो सबके हैं।
मुंबई से अयोध्या यात्रा पर निकली शबनम
शबनम अपने दोस्तों- रमन राज शर्मा और विनीत पांडे के साथ अयोध्या यात्रा पर निकली हैं, उसका मकसद रामलला का दर्शन करना है। मुस्लिम होने के बावजूद शबनम की भगवान राम के प्रति अटूट आस्था है। यही वजह है जिसने शबनम को राम जन्मभूमि जाने के लिए प्रेरित किया है।
यात्रा में शबनम को मिले कई अन्य भक्त
शबनम ने अपनी यात्रा के दौरान कहा, उसे रास्ते में कई अन्य भक्त भी मिले, जिन्होंने उसे खाना दिया। शबनम ने कहा कि राम तो सबके हैं।
शबनम क्यों जा रही है अयोध्या?
इस यात्रा के पीछे क्या उद्देश्य है, इस पर शबनम कहती हैं कि भगवान राम तो सबके हैं। उनके लिए सब एक समान है। भगवान राम की पूजा किसी विशेष धर्म या जाति तक ही सीमित नहीं है। साथ ही उसे इस सोच को भी तोड़ना है कि लड़कियां पैदल यात्रा नहीं कर सकती है।शबनम का मानना है कि भगवान राम की पूजा करने के लिए किसी को हिंदू होने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक अच्छा इंसान होना जरूरी है। शबनम रोजाना 25-30 किलोमीटर का सफर तय करती है। उसे और उसके दोस्तों को मुंबई से अयोध्या जाने के लिए 1,425 किलोमीटर की दूरी तय करनी है।
यात्रा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
शबनम की इस यात्रा की कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वह यात्री करती हुई दिख रही है। शबनम और उसके दोस्तों का कहना है कि राम के प्रति अटूट आस्था ही उन्हें प्रेरित करती है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब कई लोग शबनम से मिलने आ रहे हैं। साथ ही स्थानीय पुलिस भी उसकी मदद कर रही है, ताकि यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो।बता दें कि 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में नवनिर्मित राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों होना है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी है।

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