वैज्ञानिको की सलाह के अनुसार ही मृदा में संतुलित उर्वरक प्रयोग करे- के के मंगल
नौहट्टा में मृदा स्वास्थ्य कार्ड जागरूकता अभियान के तहत कृषक गोष्ठी का हुआ आयोजन
जैविक खेती पर दिया जोर
निवाई। उपखण्ड क्षेत्र के नौहट्टा गांव में शनिवार को कृषि विभाग के तत्वावधान मृदा स्वास्थ्य कार्ड जागरूकता अभियान के तहत कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबन्धन पर जानकारी दी गई। कृषक गोष्ठी में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक केके मंगल ने कहा कि किसान वैज्ञानिकों द्वारा की गई सलाह के अनुसार ही मृदा में आवश्यकतानुसार ही प्रयोग करे, अंधाधुन्ध तरीके से उर्वरक प्रयोग करने सें मृदा की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है एवं आर्थिक लागत भी अधिक आती है। जिला स्तर पर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है जहां पर किसान मात्र पांच रुपये शुल्क जमाकर मिट्टी एवं पानी की जांच करा सकते है। सहायक निदेशक रामपाल शर्मा ने कहा कि किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने के साथ खेतों के अनुसार फसल लगाने का सुझाव दिया जाता है। राजस्थान राज्य बीज निगम जयपुर की प्लान्ट मैनेजर योगिता गुप्ता ने कहा कि किसान प्रमाणित बीज की बुवाई करे एवं अधिक से अधिक उत्पादन लेवे साथ ही किसान बीज उत्पादक समूह भी बनाकर लाभ कमा सकते है। कृषि अधिकारी कजोड़मल गुर्जर ने कृषि विभागीय योजनाओं में कृषि यंत्रए सिचाई पाईप लाइन, फार्म पौण्ड, तारबन्दी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सहायक कृषि अधिकारी रामजीलाल मीणा, कृषि पर्यवेक्षक सुमित चौधरी, तेजपाल सैनी, प्रधान गुर्जर, हनुमान मीणा, सुमन जाट, आत्माराम जाट, रामरख जाट, अनिता शर्मा, कैलाशी जाट, श्योजी जाट, रामकिशन गुर्जर सहित कई प्रगतिशील कृषक मौजूद थे।

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