ईआरसीपी पर मध्यप्रदेश से समझौते के बाद हरियाणा से भी समझौता
- अब हरियाणा से यमुना नदी का पानी राजस्थान के शेखावाटी में लाने की तैयरी....
- केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत की उपस्थिति में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक शीघ्र...
(एस.पी.मित्तल)
=============
अजमेर | हरियाणा से ताजेवाला हेडवर्क्स से यमुना नदी का 1917 क्यूसेक पानी राजस्थान को मिलने को लेकर दोनों राज्यों में समझौता हो रखा है, लेकिन इस समझौते के मुताबिक राजस्थान को हरियाणा से पानी नहीं मिल रहा। ताजेवाला हैडवर्क्स से पानी की निकासी को लेकर हरियाणा की कुछ आपत्तियां है। यदि यमुना का पानी राजस्थान आता है तो इससे शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, झुंझुनूं आदि जिलों में पेयजल और सिंचाई का काम हो सकेगा। जानकार सूत्रों के अनुसार राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हरियाणा से यमुना का पानी शेखावाटी में लाने की कवायद की है। इसके लिए शेखावत ने हरियाणा की आपत्तियों का भी अध्ययन किया है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा को यमुना का पानी राजस्थान को देने पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन हरियाणा का कहना है कि यमुना का पानी ताजेवाला हैडवर्क्स से लेने के बजाए पानीपत पर बने बैराज से लिया जाए। यह पानी खुल चैनल के माध्यम से लिया जा सकता है, लेकिन इस पर राजस्थान सहमत नहीं है। अब शेखावत का प्रयास है कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक साथ बैठकर समस्या का हल निकाला जाए। इस संबंध में शेखावत ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात भी की है। हो सकता है कि लोकसभा चुनाव से पहले ही यमुना का पानी राजस्थान लाने का रास्ता साफ हो जाए। मालूम हो कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) पर भी शेखावत की मध्यस्थता से राजस्थान और मध्यप्रदेश में समझौता हुआ है। चंबल और कालीसिंध नदी के पानी से अब राजस्थान के 21 जिलों को पेयजल और सिंचाई का पानी मिल सकेगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अब डबल इंजन की सरकार का फायदा राजस्थान को मिलने लगा है।

0 Response to "ईआरसीपी पर मध्यप्रदेश से समझौते के बाद हरियाणा से भी समझौता"
एक टिप्पणी भेजें