जयपुर ब्लास्ट के आरोपियों के बरी होने पर बीजेपी नाराज
पूनिया बोले- न्यायिक पैरवी में हुई लापरवाही, तुष्टिकरण कर रही कांग्रेस
जयपुर | जयपुर सीरियल ब्लास्ट केस में आरोपियों को बरी करने के मामले में बीजेपी ने सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि 13 मई 2008 को शांतिप्रिय जयपुर में बम धमाके हुए। जिसमें 71 लोग मारे गए थे। दिसंबर 2019 में इन्हीं में से एक आरोपी को फांसी जबकि तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन आज राजस्थान उच्च न्यायालय ने उन सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। उन सभी का बरी होना इतने बड़े संघेय अपराध पर राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की पैरवी पर सवाल और शंका पैदा करता है।
पूनिया ने कहा कि जिस तरीके से एटीएस ने काट-छांट कर सबूत पेश किए। उसके बाद कोर्ट ने भी सरकार की पैरवी पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने भी माना है कि इस पूरे मामले में सबूत ढंग से नहीं आए है, ना ही इस पूरे मामले की अच्छे से जांच हुई है। ऐसे में इस तरह के संगीन मामलों में कांग्रेस सरकार की न्यायिक पैरवी की लापरवाही संदेह पैदा करती है। मुझे लगता है कि यह राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की तुष्टीकरण की पराकाष्ठा है।
दरअसल, जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में बुधवार को हाईकोर्ट ने सभी चार आरोपियों को बरी कर दिया। जस्टिस पंकज भंडारी और समीर जैन की बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी को कानून की जानकारी नहीं है। वहीं अब राज्य सरकार फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
बता दें कि 13 मई 2008 को जयपुर में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इसमें 71 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 185 घायल हुए थे। 2019 में जिला कोर्ट ने मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, सरवर आजमी और मोहम्मद सलमान को हत्या, राजद्रोह और विस्फोटक अधिनियम के तहत फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
48 दिनों से चल रही सुनवाई पूरी होने पर आरोपियों के वकील सैयद सदत अली ने बताया कि हाईकोर्ट ने एटीएस की पूरी थ्योरी को गलत बताया है। इसी वजह से आरोपियों को बरी कर दिया गया। वहीं, एडिशनल एडवोकेट जनरल (।।ळ) राजेश महर्षि ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसकी तैयारी कर रहे हैं।

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