रणथम्भौर में जिप्सियों की बुकिंग में फर्जीवाड़ा:
वीआईपी कोटे के नाम पर वसूलते मोटी राशि, पूर्व CCF सेडूराम यादव के खिलाफ जांच पूरी
सवाई माधोपुर | रणथम्भौर में टाइगर सफारी के दौरान पर्यटन वाहनों को वीआईपी कोटे के नाम पर गलत तरीके से बुक कराकर पर्यटकों से मोटी राशि वसूलने के कई फर्जीवाड़े सामने आए है। ऐसे मामलों में विभाग ने उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट सौंपी है। रणथम्भौर के पूर्व CCF सेडूराम की भी जांच की गई है।
11 मार्च 2023 को राजस्थान राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक डड़ोरिया ने अपने परिचितों के लिए तत्कालीन CCF सेडूराम यादव को फोन करके वीआईपी कोटे में ऑन पेमेंट एक जिप्सी उपलब्ध कराने को कहा था। जिस पर CCF ने उन्हें टूरिस्ट का नाम मैसेज करने को कहा था। मैसेज करने के कुछ देर के बाद CCF ने VIP कोटा फुल होने का हवाला देकर 11 मार्च को शाम की पारी में जिप्सी उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया और उन्हें 12 मार्च 2023 को सुबह की पारी में वीआईपी कोटे में एक जिप्सी ऑन पेमेंट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद टूरिस्ट राजी हो गए लेकिन 12 मार्च को जब संबंधित टूरिस्ट जिप्सी के लिए शिलपग्राम स्थित बुकिंग विंडो पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने टूरिस्ट से जिप्सी की जगह कैंटर से सफारी पर जाने को कहा। इस पर टूरिस्ट्स ने कैंटर में सफारी पर जाने से मना कर दिया। टूरिस्ट ने पांच सितारा होटल में जिप्सी के लिए संपर्क किया। होटल मैंनेजमेंट ने 12 मार्च 2023 को शाम की पारी में वीआईपी कोटे में पर्यटकों को टाइगर सफारी के लिए जिप्सी उपलब्ध कराई।
होटल मैंनेजमेंट की ओर से 12 मार्च 2023 को शाम की पारी में टूरिस्ट को जिप्सी तो उपलब्ध करा दी लेकिन जिप्सी की एवज में होटल मैंनेजमेंट ने संबंधित टूरिस्ट से 49 हजार और 18 प्रतिशत जीएसटी की राशि वसूल की। उस समय एक जिप्सी से सफारी पर जाने की कुल कीमत उस करीब 7830 ही थी।
CMO ने दिए थे जांच के आदेश
मामले में राजस्थान राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक डड़ोरिया ने CMO से रणथम्भौर में सफारी में फर्जीवाड़ा होने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। इसके बाद करीब एक महीने पहले पूर्व CMO की ओर से मामले की जांच का आदेश जारी किया गया। साथ ही जांच की जिम्मेदारी रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के वर्तमान CCF पी.काथिरवेल को सौंपी गई। इसके बाद विभाग की ओर से जांच की गई। जांच में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के तत्कालीन CCF और होटल मैंनेजमेंट को दोषी माना गया है। इस संबंध में विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। अब सूत्रों की माने तो उच्च स्तर पर मामले में अग्रिम कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सैंकड़ो जिप्सियां VIP कोटे से की गई बुक
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट रूप से माना है कि टाइगर सफारी के दौरान सैंकड़ो पर्यटन वाहनों को वीआईपी कोटे के नाम पर गलत तरीके से बुक कराकर पर्यटकों से मोटी राशि वसूली गई है। अब विभाग की ओर इस बारे में भी आगे की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक वन विभाग की ओर से मामले में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा रहा है।
मामले को लेकर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के CCF पी. काथिरवेल का कहना है कि इस प्रकार के मामले में जांच की गई है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। विभागीय स्तर पर इस प्रकार की जांच विभागीय मामला है। इसमें मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।

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