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मीट व्यापारियों की दुकानों के लाईसेंस बनाने की मांग

मीट व्यापारियों की दुकानों के लाईसेंस बनाने की मांग

(रिर्पोटर:अशोक शर्मा)

टोंक। एलीट मानव संसाधन एवं तकनीकी विकास सोसायटी टोंक ने नगर परिषद क्षैत्र में आधुनिक स्लाटर हाउस (बूचडख़ाना) संचालित करवाने एवं मीट व्यापारियों की दुकानों के नये लाईसेंस बनाने व नवीनीकरण करने की मांग को लेकर सचिव सैयद आमिर फारूक ने एडीएम टोंक डॉ. सूरज सिंह नेगी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। सचिव सैयद आमिर फारूक ने दिये गये ज्ञापन में बताया कि नगर परिषद क्षैत्र में लगभग 2 लाख की आबादी निवास करती है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत आबादी मांसाहारी है। शहर में 2007 से पूर्व एक स्लाटर हाउस नगर परिषद द्वारा संचालित किया जा रहा था। यह स्लाटर हाउस प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों की पालना नहीं करने के कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के द्वारा बंद करा दिया गया था, तत्पश्चात नगर परिषद टोंक क्षैत्र में मांस व्यापारियों द्वारा स्वत: ही पशुवध करके मांस बेचे जाने लगा, इस कारण कई समस्याऐं उत्पन्न हो गई है, जिसके कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, परन्तु जिला प्रशासन द्वारा आधुनिक स्लाटर हाउस संचालित करने के लिए किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया गया। इस कारण प्रतिदिन नगर परिषद को लाखों के राजस्व की हानि हो रही है। शहर में प्रतिदिन 200 पशुओं के मांस की खपत है, इनको बेचने वाले मीट व्यापारी 2007 तक लगभग 120 लाईसेंसधारी थे, परन्तु प्रशासन के गैर जिम्मेदारान व्यवहार के चलते लाईसेंस रिनीव नहीं किये गये, जिसके फलस्वरूप सारी वैध दुकाने अवैध हो गई, आज स्थिति यह है कि शहर में लगभग 300 मीट की दुकानें संचालित हो रही है। परन्तु प्रशासन के द्वारा एक को भी लाईसेंस जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होने मांग की है कि शहर टोंक की 70 प्रतिशत मांसाहार करने वाली जनता की आवश्यकता को देखते हुए आधुनिक स्लाटर हाउस नगर परिषद क्षैत्र में संचालित करवाने तथा मीट की 300 से अधिक दुकानों को लाईसेंस जारी करने की मंाग की है। ज्ञात रहे कि अवैध तरीके से पशु वध कर मांस की दुकाने लगाने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा गत दिनों कमेटी बनाई जाकर अवैध रूप से कारोबार कर रहे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है, तथा बिना लाईसेंस मांस का व्यापार नहीं करने की चेतावनी दी गई है।


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