Advertisement

राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पचास वर्ष बाद भी हालात नहीं सुधरे

राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पचास वर्ष बाद भी हालात नहीं सुधरे

 


दो कमरे,दो अध्यापक एवं 21 बालकों का नामांकन।

मामूली बरसात में भी पूरे परिसर में भरता है पानी, छत से टपकता है टप-टप पानी।

चाकसू /रमा शर्मा/सुरीला राजस्थान

चाकसू नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 23 में सड़क किनारे पिछले पांच दशक से चल रहे राजकीय प्राथमिक विद्यालय नई तोड की ढाणी में हल्की बरसात में भी विद्यालय परिसर में पानी भर जाता है, बालकों को बाल्टी भर भर कर पानी निकालना पड रहा है, बरामदा रहित दो पुराने कमरे है समय पर मरम्मत के अभाव में छतें टपक रही है। जर्जर हालत के चलते स्कूल का नामांक भी मात्र 21 बालकों तक ही सीमित है। कुछ ही दूरी पर पंचायत समिति एवम मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी का कार्यालय स्थित है, कागजों में शाला विकास प्रबंधन समिति भी है, वार्ड 23 से निर्वाचित पार्षद भवानी सिंह लौधा सक्रिय प्रतिनिधि हैं, नवनिर्वाचित विधायक रामावतार बैरवा भी क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए समर्पित होने का दावा करते रहे हैं। लेकिन सरकारी विद्यालय की दयनीय जर्जर हालत देख कर लगता है कि कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी अपना दायित्व नहीं निभा रहा है। 

आश्चर्य इस बात का है पीने के पानी तक की व्यवस्था बाहर की तरफ लग रहे हेंडपम्प पर ही निर्भर है। 

पौषाहार कक्ष, प्रधानाचार्य कक्ष, स्टोर रूम, स्टाफ रूम के अलावा प्राथमिक विद्यालय में पांच कक्षा कक्ष तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बरसात के दिनों में इस विद्यालय की हालत देखने लायक होती है। 

विद्यालय में प्रधानाचार्या श्रीमती धनवंतरी जैन एवं शिक्षिका अनुराधा सिंह भी अपनी ड्यूटी बजाने तक सीमित है। जनसहयोग से विद्यालय की दशा सुधारने में रुचि नजर नहीं आती। पार्षद भवानी सिंह भूतपूर्व विधायक एवं वर्तमान विधायक से इस स्कूल के जीर्णोद्धार हेतु ढाणी के लोगों को साथ लेकर मिल चुके हैं लेकिन आश्वासन के अलावा किसी भी तरह का सहयोग नहीं मिल सका। पास में रह रहे हरलाल लौधा ने बताया कि विद्यालय के ठीक सामने पुराना जयपुर - टोंक मार्ग है,जैसे जैसे सड़क का निर्माण होता रहा, वैसे वैसे विद्यालय परिसर का धरातल नीचा होता चला गया। बरसात का पानी विद्यालय भवन में भर जाता है। पिछले चार दशक से संबंधित अधिकारियों का एक ही रटा रटाया जवाब रहता है कि उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। वास्तविकता में धरातल पर काम नहीं होता।इस संबंध में वर्तमान विधायक महोदय रामावतार बैरवा से दो बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु बात नही हो पाई।

0 Response to "राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पचास वर्ष बाद भी हालात नहीं सुधरे"

एक टिप्पणी भेजें

ADVERTISEMENT

advertising articles 2

Advertise under the article

DMCA.com Protection Status