सरकारी कार्यालयों की जर्जर हालात से कर्मचारियों में भय। विद्युत विभाग का कर्मचारी हुआ घायल।
चाकसू/रमा शर्मा/सुरीला राजस्थान
चाकसू में पुराने भवनों में चल रहे सरकारी कार्यालयों के भवनों की दयनीय एवं जर्जर होती जा रही है। तहसील चाकसू कार्यालय, जलदाय विभाग के कार्यालय एवं पानी संग्रहण के टैंक, पुलिस थाना चाकसू के आवासीय क्वार्टर हो या विद्युत विभाग के कार्यालय एवं खंडहर हो रहें आवास, सार्वजनिक विभाग का विश्राम गृह हो या पुराने भवन, सिंचाई विभाग के कार्यालय लगभग बंद हो चुका है। सेंट्रल गवर्नमेंट के पोस्ट आफिस का पुराना भवन इतना जीर्ण-शीर्ण हो चुका है कि भवन खाली करके किराए के भवन में जाना पड़ा। यही हालात उपखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों के भवनों के है। सही समय पर नियमित देखरेख एवं मरम्मत के अभाव में यह सरकारी भवन बर्बादी के कगार पर है। किसी भी प्रकार का छोटी-बडी दुर्घटना हो जाने पर विभागीय अधिकारियों का एक ही रटा रटाया ज़वाब होता कि
भवन की जर्जर हालत के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। सरकारी कार्यालयों एवं सरकारी भवनों की देखभाल रखरखाव समय पर मरम्मत एवं साफ-सफाई तक के लिए किसी भी स्तर का अधिकारी अथवा कर्मचारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हो रहा। जनप्रतिनिधियों को मानो सरकारी भवनों से कोई सरोकार ही नहीं है। एक दिन पहले ही चाकसू में सार्वजनिक विद्युत वितरण निगम के कैश कक्ष की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर पड़ा, नीचे बैठकर कार्य कर रहे कर्मचारी सोहनलाल गुर्जर के चोट आई एवं घायल हो जाने पर सहायक कर्मचारी अस्पताल ले कर गए। ईश्वर की कृपा से किसी तरह की गंभीर चोट नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद कर्मचारी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कर्मचारियों में व्याप्त आक्रोश को शांत करते हुए सहायक अभियंता रामावतार बैरवा ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर शीध्र ही मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया है। विद्युत निगम की कार्यालय एवं आवास भवन बरसों पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण हो चुकें हैं।बरसात में इनकी हालत अधिक डरावनी हो जाती है, कर्मचारियों को अपने आप को बचाते हुए सावधानी से काम करना पड़ता है।


0 Response to "सरकारी कार्यालयों की जर्जर हालात से कर्मचारियों में भय। विद्युत विभाग का कर्मचारी हुआ घायल।"
एक टिप्पणी भेजें