डॉक्टर हड़ताल से बिगड़ी चिकित्सा व्यवस्था
जिले के 75 सरकारी अस्पतालों में मरीज रहे परेशान, इमरजेंसी और इनडोर चालू
टोंक | राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को दिनभर सरकारी अस्पतालों में आउटडोर में डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इससे जिला मुख्यालय के सआदत अस्पताल समेत जिले के 75 सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ गई। आउटडोर के मरीज बिना इलाज करे ही लौट गए। इससे उन्हें काफी परेशान होना पड़ा।
ज्ञात रहे कि गत दिनों सरकार की ओर से पेश किए गए राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में करीब दस दिनों से प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इनके समर्थन में करीब सप्ताह भर से आंदोलन कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में के समर्थन में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर भी उतर आए हैं। वे भी रोजाना दो घंटे आउटडोर में कामकाज का बहिष्कार कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने बुधवार को पूरे दिन ही आउट-डोर में हड़ताल कर दी है। इससे आउट-डोर में दिखाने आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। उन्हें भगवान भरोसे रहना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी और इनडोर की चिकित्सा व्यवस्था सुचारु रहने से गंभीर बीमार मरीजों को इलाज मिला।
डॉक्टरों की हड़ताल से आउटडोर घटा
जिले के सबसे बड़े 300 बेड के सआदत अस्पताल में डॉक्टरों की दो घंटे की आउटडोर में हड़ताल के बावजूद करीब पौने तीन हजार और इनडोर में करीब पौने दौ सो मरीज का आंकड़ा था। अब मरीज भी इस हड़ताल से पहले के मुकाबले कम आ रहे हैं। मंगलवार का आउटडोर दो हजार 57 था, जबकि इन डोर 237 था। आज हड़ताल के चलते मरीज कम ही नजर आए। हालांकि जनाना अस्पताल में मरीज सआदत अस्पताल के मुकाबले ज्यादा दिखाई दिए।

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