अपनी मांगों को लेकर फिर हड़ताल पर मंत्रालयिक कर्मचारी
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर की नारेबाजी, विभागों में कामकाज रहा प्रभावित
टोंक | अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेश आह्वान पर मंत्रालयिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। टोंक जिले के सभी मंत्रालयिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताल पर रहे। टोंक शहर में हड़ताली मंत्रालयिक कर्मचारियो ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और फिर महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार नामा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम एडीएम शिवचरण मीना को ज्ञापन दिया।
मंत्रालियक कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि वह सचिवालय के कर्मचारियों के समान काम करते हैं। इसके बावजूद उनको समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा भी कई समस्याएं है, जिन पर सरकार वादा खिलाफी कर रही है। मांगें मनवाने के लिए जिले के सभी करीब 500 मंत्रालयिक कर्मचारी 16 अप्रैल तक काम का सामूहिक बहिष्कार कर हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 17 अप्रैल को जयपुर में प्रदेशभर के साथियों के साथ महापड़ाव करेंगे। इस दौरान पर महामंत्री राजेन्द्र गौड़, पारस जैन, बद्रीलाल वर्मा, महावीर धाकड़, मुकेश चैधरी, सादिक केशरी, प्रकाश चन्द पाठक, शंकरलाल वर्मा, भवर लाल मीणा, उम्मेद सिंह सैनी, ज्ञान चन्द जैन, प्रेमचन्द बैरवा आदि मौजूद थे। मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर करीब 2 महीने पहले भी धरना-प्रदर्शन किया था।
विभागों में कामकाज रहा प्रभावित
जिले में सभी विभागों में करीब 500 मंत्रालयिक कर्मचारी है। इनमें से सबसे ज्यादा जिला मुख्यालय पर करीब 250 कर्मचारी है, जो हड़ताल पर रहे। इससे विभागों मे कामकाज प्रभावित रहा। महासंघ के जिलाध्यक्ष नामा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग सचिवालय कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते देने की है। पिछली बार बीजेपी की सरकार ने कनिष्ठ लिपिक का जो वेतनमान घटाया था। उसको फिर से बढ़ाया जाने समेत 9 सूत्रीय मांगें हैं।

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