Advertisement

 संविदा कर्मियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

संविदा कर्मियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा



अजमेर सम्भाग में भी किया गया प्रदर्शन, नियमित करने की मांग दोहराई

अजमेर | संविदा कर्मियों ने सरकार द्वारा किए गए वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन का आगाज कर दिया। सम्भाग स्तर पर संविदा कर्मचारियों द्वारा रेली कर सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्षों से लंबित नियमितीकरण की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।

संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा , राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र चैधरी ने बताया कि राजस्थान में वर्ष 2018 में कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा किया था। इस पर राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने में योगदान दिया। गहलोत सरकार बनने के 1 वर्ष बाद बी डी कल्ला की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, किंतु 4 साल तक यह कमेटी कोई रिपोर्ट संविदा कर्मियों के पक्ष में प्रस्तुत नहीं कर सकी। इस दौरान संविदा कर्मियों ने समय-समय पर खूब आंदोलन किए, प्रदर्शन किए,रैली निकाली लेकिन सरकार तक टस से मस नहीं हुई।

संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के महासचिव रामस्वरूप टांक ने बताया कि राजस्थान सरकार ने “राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022“लागू किया। इस नियम में संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारी की कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई। ना ही कोई मानदेय में बढ़ोतरी हुई और ना ही कर्मचारी नियमित हुए। गहलोत सरकार ने बजट घोषणा 2023-24 मे संविदा कर्मियों के लिए पूर्व के अनुभव को अकाउंट करने हेतु अन्य सेवा से आईएएस चयन के समय की जाने वाली सेवा अवधि की गणना की तर्ज“ पर नियम बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में राजस्थान सरकार के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि आईएएस पैटर्न के आधार पर इन नियमों में 3 वर्ष का 1 वर्ष अर्थात 15 वर्ष के 5 वर्ष से माने जाने हेतु अभिशंषा की जाती है। इस आधार पर राज्य में संविदा कर्मियों में से 90þ कर्मचारी नियमितीकरण की दौड़ से बाहर हो गए हैं जो वादा राज्य सरकार ने संविदा कर्मियों के लिए किया था वह इन नियमों के फेर में धूमिल होता नजर आ रहा है।

संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के उपाध्यक्ष अनवर खान ने बताया कि राजस्थान के अलावा पंजाब और उड़ीसा राज्य में भी ऐसे नियम बने थे, किंतु उन राज्यों में संविदा कर्मियों का वास्तविक अनुभव माना गया था और नियमितीकरण भी किया गया है । हाल ही में उड़ीसा सरकार द्वारा 3 मार्च 2022 तथा 16 अक्टूबर 2022 को जारी नोटिफिकेशन द्वारा 57000 संविदा कर्मियों को और पंजाब राज्य विधानसभा में बिल नंबर 38 पीएलए 2021 द्वारा लगभग 25000 संविदा कर्मियों का वास्तविक अनुभव मान कर नियमितीकरण का लाभ दिया गया है ना कि आईएएस पैटर्न के आधार पर माना गया है। संविदा कर्मियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार अपने जन घोषणा पत्र के अनुसार समस्त संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा पूरा करें। अगर सरकार वादा पूरा नहीं करती है तो सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनाव में भी संविदा कर्मियों पर किए गए कुठाराघात और धोखे का जवाब वोट की चोट से दिया जाएगा। नियमितीकरण को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी

0 Response to " संविदा कर्मियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा"

एक टिप्पणी भेजें

ADVERTISEMENT

advertising articles 2

Advertise under the article

DMCA.com Protection Status