सफलता की कहानी.....कुओं में जलस्तर की बढ़ोतरी के साथ किसान हो रहे है लाभान्वित
मंगलवार, 20 फ़रवरी 2024
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(रिपोर्टर:अशोक शर्मा)
टोंक। जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कृषि करने वाले हर जरूरतमंद किसान को मिले इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। योजनाओं से लाभान्वित सिंचाई करने वाले कृषक भी जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार, जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग का आभार व्यक्त कर रहे है। टोंक तहसील के ग्राम पंचायत सांखना में ग्राम के पास स्थानीय खाल पर पूर्व में निर्मित एनीकट जीर्णशीर्ण अवस्था में था। एनीकट के बाईं तरफ का एमबैंकमेंट क्षतिग्रस्त होने एवं एनीकट के डाउनस्ट्रीम में सीपेज की समस्या के कारण एनीकट की क्षमता में कमी आ रही थी। आम जनता को एनीकट निर्माण के उद्देश्यों का लाभ नहीं मिल पा रहा था। ग्रामीणों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर जल संसाधन विभाग द्वारा आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एनीकट सहित अन्य 6 एनिकटों के रिपेयर रेस्टोरेशन कार्य संपादन के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। एनीकट के जीर्णोद्धार कार्य के तहत एनीकट के बायीं तरफ फेसवाल निर्माण कार्य, अर्थवर्क कार्य, एनीकट के अपस्ट्रीम में लेमिना कार्य तथा एनीकट के डाउन स्ट्रीम सिस्टर्न में कंक्रीट आदि कार्य विभाग की ओर से नियत समय से पूर्व भौतिक रूप से पूर्ण करा दिया गया।
एनीकट बनने से पानी को स्टोर किया जा सकेगा। जिससे पशु पेयजल एवं आस पास के कृषको द्वारा एनीकट से पानी लिफ्ट करके सिंचाई के लिए उपलब्ध हो सकेगा। आसपास के कुएं आदि रिचार्ज होने के साथ-साथ भूमि के जल स्तर में भी वृद्धि होगी। एनिकट निर्माण से आसपास के सांखना गांव के लगभग 80 कृषक लाभान्वित होंगे।
निवाई के ग्राम संग्रामपुरा के चरागाह में स्थित एनीकट से ग्रामवासी होंगे लाभान्वित
जिले के निवाई तहसील की ग्राम पंचायत चैनपुरा के ग्राम संग्रामपुरा के पास चरागाह में स्थानीय खाल पर पूर्व में निर्मित एनीकट टूटा हुआ व जीर्णशीर्ण अवस्था में था। एनीकट के बाईं तरफ का एमबैंकमेंट क्षतिग्रस्त एवं सीपेज की समस्या के कारण एनीकट के जल भंडारण में कमी आ रही थी तथा आम जनता को एनीकट निर्माण के उद्देश्यों का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
जल संसाधन विभाग द्वारा आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पहल करते हुए इस एनीकट का जीर्णोद्धार कार्य केे प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को प्रेषित किये गए। इसके बाद एनीकट के रिपेयर रेस्टोरेशन कार्य संपादन के लिए विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के तहत एनीकट के जीर्णोद्धार कार्य में एनीकट के बाईं व दायीं तरफ फेसवाल निर्माण कार्य, अर्थवर्क कार्य, एनीकट के अपस्ट्रीम में लेमिना कार्य तथा एनीकट के डाउन स्ट्रीम सिस्टर्न में कॉन्क्रीट कार्य आदि कार्य करवाया गया। वर्तमान में विभाग द्वारा कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके तहत वर्ष 2024 में एनीकट में वास्तविक क्षमता के अनुसार 0.14 डबजि पानी को स्टोर किया जा सकेगा। जिससे पशु पेयजल एवं आस पास के कृषको द्वारा उक्त कार्य संपादन के उपरांत एनीकट से पानी लिफ्ट करके सिंचाई हेतु जल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, आसपास के कुएं आदि रिचार्ज होंगे तथा भूमि के जल स्तर में भी वृद्धि होगी। आसपास के संग्रामपुरा गांव के लगभग 70 कृषक लाभान्वित होंगे। इस प्रकार विभाग द्वारा एक सकारात्मक पहल करते हुए जीर्णशीर्ण एनीकट की मरम्मत कराकर सफलतापूर्वक आमजन को लाभ पहुंचाया गया है।
एनीकट का जीर्णाेद्वार एवं लंबाई बढ़ाने से सांखना गांव के लगभग 50 कृषक लाभान्वित होंगे
इसी प्रकार टोंक तहसील के ग्राम सांखना के पास स्थानीय खाल पर जीर्णशीर्ण अवस्था में स्थित एनीकट में टूट-फूट व सीपेज की समस्या के कारण पानी का आवश्यक भंडारण नहीं होने से जल भंडारण क्षमता में कमी आ रही थी तथा आम जनता को एनीकट निर्माण के उद्देश्यों का लाभ नहीं मिल रहा था। इसी समस्या को देखते हुए विभाग द्वारा आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पहल करते हुए उक्त एनीकट का जीर्णाेद्वार में एनीकट की लंबाई बढ़ाकर एनीकट के बाई तरफ विंग वाल तथा फेसवाल निर्माण कार्य, अर्थवर्क कार्य, एनीकट के अपस्ट्रीम में लेमिना कार्य तथा एनीकट के डाउन स्ट्रीम सिस्टर्न में कॉन्क्रीट कार्य आदि कार्य करवाया गया। विभागीय प्रयासों से वर्तमान में कार्य भौतिक रूप से पूर्ण हो चूका है। इसके साथ वर्ष 2024 के वर्षाकाल में उपरोक्त कार्य के संपादन से एनीकट में वास्तविक क्षमता के अनुसार 0.12 डबजि पानी को स्टोर किया जा सकेगा। जिससे पशु पेयजल एवं आस पास के कृषको द्वारा एनीकट से पानी लिफ्ट करके सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा। उक्त कार्य संपादन के उपरांत आसपास के कुएं आदि रिचार्ज होंगे तथा भूमि के जल स्तर में भी वृद्धि होगी। एनीकट का जीर्णाेद्वार लंबाई बढ़ाने से सांखना गांव के लगभग 50 कृषक लाभान्वित होंगे।

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